Sport : 4 साल बाद हिला जडेजा का सिंहासन, टेस्ट में 1,694 दिन की बादशाहत हुई खत्म, जानें ICC Ranking में नंबर-1 बनने की पूरी प्रक्रिया #INA

ICC Ranking : आईसीसी ने ताजा रैंकिंग जारी कर दी है और इसके सामने आते ही भारत के 37 वर्षीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को बहुत बड़ा झटका लगा है. जडेजा ने दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर का स्थान गंवा दिया है. उन्होंने ताजा टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में एक स्थान का नुकसान हुआ है. अब जडेजा दूसरे स्थान पर आ गए हैं. भारत के स्टार क्रिकेटर ने लगभग 4 साल तक नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर के स्थान पर राज किया लेकिन अब 1,694 दिन के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनकी बादशाहत खत्म हो गई है. अब उनकी जगह पर टेस्ट का नंबर-1 ऑलराउंडर कौन बना है, आइए इसके बारे में जानते हैं.

कौन बना नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर

आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में रविंद्र जडेजा नंबर-1 ऑलराउंडर के स्थान से उतर चुके हैं. उनकी जगह पर साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर मार्को जानसेन ने नंबर-1 का स्थान हासिल किया है. अब जानसेन दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर बन गए हैं. इस समय रविंद्र जडेजा के 422 रेटिंग प्वाइंट हैं और वो दूसरे स्थान पर बने हुए हैं. वहीं मार्को जानसेन 451 रेटिंग प्वाइंट्स के साथ पहले स्थान पर मौजूद हैं.

आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में तीसरे स्थान पर बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज बने हुए हैं. उनके खातें में 319 रेटिंग प्वाइंट हैं. उनके बाद वियान मुल्डर 309 रेटिंग प्वाइंट्स के साथ टेस्ट क्रिकेट के नंबर-4 ऑलराउंडर हैं. टॉप पांच में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क भी शामिल हैं. वो 257 रेटिंग प्वाइंट्स के साथ 5वें स्थान पर हैं.

जैक कैलिस का रिकॉर्ड तोड़ने से चूके जडेजा

अब रविंद्र जडेजा 4 साल बाद यानी 1,694 दिन के बाद टेस्ट के नंबर-1 ऑलराउंडर के पद से हट चुके हैं. इसके साथ ही वो साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जैक कालिस को पछाड़ने से चूक गए हैं. क्योंकि उन्होंने दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर का ताज अपने पास 1827 दिन तक रखा था. रविंद्र जडेजा उनसे 133 दिन पहले नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर के पद से हट गए. अगर जडेजा इतने दिन और दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर बने रहते तो, वो जैक कालिस को पीछे छोड़ सकते थे.

आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में रविंद्र जडेजा के अलावा भारत के दूसरे ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी टॉप-10 में मौजूद हैं. सुंदर आईसीसी टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में 7वें स्थान पर हैं. सुदर के नाम 234 रेटिंग प्वाइंट हैं. इन दोनों के अलावा कोई भी अन्य भारतीय टॉप-10 में शामिल नहीं है. हालांकि टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में अक्षर पटेल 15वें स्थान पर हैं. उनके 190 रेटिंग प्वाइंट हैं.

रविंद्र जडेजा का टेस्ट करियर

रविंद्र जडेजा ने भारत के लिए 2012 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने 191 मैचों की 136 पारियों में 4 शतक और 28 शतकों के साथ 4160 रन बनाए हैं. उनके नाम 403 चौके और 82 छक्के भी दर्ज हैं. वहीं जडेजा ने भारत के लिए इतने ही मैचों में 356 विकेट भी हासिल किए हैं. उन्होंने टेस्ट में 15 बार फाइव विकेट हॉल और 3 बार 10 विकेट हॉल हासिल किया है.

आईसीसी रैंकिंग की पूरी प्रक्रिया

आईसीसी खिलाड़ियों और टीमों की रैंकिंग एक विशेष सांख्यिकीय एल्गोरिदम और पॉइंट-आधारित खास गणना प्रणाली से तय करती है.आईसीसी रैंकिंग केवल रन, विकेट या मैच जीतने से तय नहीं होती. इसमें प्रदर्शन की गुणवत्ता, विपक्षी टीम की ताकत, मैच का परिणाम, क्रिकेट का फॉर्मेट और पिछले प्रदर्शन जैसे कारक भी शामिल होते हैं. तो आइए रैंकिंग निकालने के तरीके अलग-अलग के बारे में जानते हैं. 

खिलाड़ियों को रैंक करते समय मैच का स्कोरकार्ड देखा जाता है. इसमे रन, विकेट, ओवर, विपक्षी टीम और मैच का परिणाम, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन, मैच की परिस्थितियों और विपक्ष की ताकत के अनुसार, पुरानी रेटिंग के साथ नई रेटिंग का समायोजन, नए रेटिंग पॉइंट्स और रैंक, सबसे अधिक पॉइंट्स वाला पात्र खिलाड़ी पहले स्थान पर होता है. इस पूरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद खिलाड़ी को रैंक किया जाता है.

  • रेटिंग पॉइंट्स (Rating Points): खिलाड़ी के प्रदर्शन को दिए गए अंक, जैसे 850 पॉइंट्स
  • रैंक (Rank): उन अंकों के आधार पर खिलाड़ी की स्थिति, जैसे नंबर-1, नंबर-2 या नंबर-3

ऑलराउंडर को कैसा दी जाती है रैंकिंग 

आपको बता दें कि, पांच दिन के क्रिकेट में बल्लेबाजों, गेंदबाजों, ऑलराउंडरों और टीमों का प्रदर्शन आंका जाता है. क्रिकेट के लंबे प्रारूप में रन बनाने के साथ परिस्थितियों और विपक्षी गेंदबाजी की गुणवत्ता का भी महत्व होता है. आईसीसी खिलाड़ियों को सीधे उनके कुल करियर रन या विकेट के आधार पर रैंक नहीं करता। वह हर मैच में खिलाड़ी के प्रदर्शन को एक निर्धारित कंप्यूटर एल्गोरिदम से रेटिंग पॉइंट्स देता है. इसके बाद जिसके पास सबसे ज्यादा प्वाइंट होते हैं, वो खिलाड़ी नंबर-1 रहता है. 

आईसीसी बल्लेबाज, गेंदबाज और ऑलराउंडर को अलग-अलग तरह से रैंकिंग देती है. इसकी गणना भी अलग-अलग तरह से होती है, तो आइए ऑलराउंडर रैंकिंग की प्रक्रिया के बारे में जानते हैं. 

ऑलराउंडर की रैंकिंग कैसे निकलती है?

आईसीसी की ऑलराउंडर रेटिंग में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की रेटिंग का इस्तेमाल होता है. इसमें एक फॉर्मूला लगाया जाता है, जिसके बाद ऑलराउंडर रैंकिंग साफ हो पाती है. टेस्ट और वनडे के लिए ICC ऑलराउंडर रैंकिंग को इस प्रकारण निकाला जाता है. 

ऑलराउंडर इंडेक्स = बैटिंग पॉइंट्स × बॉलिंग पॉइंट्स
                                ——————————–
                                             1000

उदाहरण के लिए –  गणना: 600 × 400 ÷ 1000
                                   240 पॉइंट्स

कैसे तय होती है बल्लेबाजों की रैंकिंग?

कारक

रेटिंग पर असर

बनाए गए रन

ज्यादा रन बनाने पर आम तौर पर फायदा

विपक्षी गेंदबाजों की रेटिंग

मजबूत गेंदबाजी के खिलाफ रन बनाने पर अधिक क्रेडिट मिल सकता है

मैच में रन बनाने की कठिनाई

कम स्कोर वाले मुश्किल मैच में रन अधिक मूल्यवान हो सकते हैं

नॉट आउट रहना

टेस्ट में इसका बोनस मिलता है; सीमित ओवरों में इसका प्रभाव कम है

मैच का परिणाम

जीत में बड़ा योगदान देने वाले बल्लेबाज को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है

स्ट्राइक रेट

वनडे और टी20 में तेजी से रन बनाने का महत्व अधिक है

अगर किसी बल्लेबाज ने एक मैच में 100 रन बनाए और दूसरे ने भी 100 रन बनाए. पहले बल्लेबाज के मुकाबले दूसरे बल्लेबाज को ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स मिल सकते हैं, क्योंकि उसने गेंदबाजी के खिलाफ मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाए हों या उसकी पारी जीत में अधिक प्रभावशाली रही हो.

कैसे तय होगी गेंदबाजों की रैंकिंग?

आपको बता दें कि, गेंदबाजों की रेटिंग में केवल विकेटों की संख्या नहीं देखी जाती है. विकेट किस बल्लेबाज का लिया, कितने रन दिए, कितने ओवर किए और मैच में रन बनाना कितना आसान था. ये सभी महत्वपूर्ण कारक हैं.

कारक

महत्व

विकेट

ज्यादा विकेट लेने पर सामान्यतः फायदा

आउट किए गए बल्लेबाज की रेटिंग

मजबूत बल्लेबाज का विकेट अधिक मूल्यवान हो सकता है

रन खर्च करना

कम रन देना रेटिंग सुधार सकता है

इकोनॉमी रेट

खासकर वनडे और टी20 में महत्वपूर्ण

मैच का परिणाम

जीत में प्रभावी गेंदबाजी से अतिरिक्त फायदा

पिच और मैच में रन बनने का स्तर

उसी प्रदर्शन का मूल्य मैच की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है

मान लीजिए कि, टी20 मैच में दो गेंदबाजों के प्रदर्शन की तुलना करें.

  • गेंदबाज A: 4 ओवर, 2 विकेट, 40 रन

  • गेंदबाज B: 4 ओवर, 1 विकेट, 12 रन

आपको बता दें कि, यह जरूरी नहीं कि गेंदबाज A की रेटिंग हमेशा ज्यादा बढ़े. गेंदबाज B की शानदार इकोनॉमी भी उसे महत्वपूर्ण क्रेडिट दिला सकती है. अंतिम नतीजा ICC के पूरे एल्गोरिदम पर निर्भर करेगा.

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4 साल बाद हिला जडेजा का सिंहासन, टेस्ट में 1,694 दिन की बादशाहत हुई खत्म, जानें ICC Ranking में नंबर-1 बनने की पूरी प्रक्रिया





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