बदायूं जिले में भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने आठ पन्नों का इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। 2017 के चुनाव में भाजपा की जीत का चेहरा बनने वाले कुशाग्र ने भाजपा से नाता तोड़ लिया। उनके इस्तीफे में टिकट, चुनाव और पद से ज्यादा सम्मान, उपेक्षा और संगठन में अपनी जगह को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है।
बुधवार को बिसौली के एक बरातघर में समर्थकों के साथ बैठक के बाद कुशाग्र सागर ने भाजपा की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उनके सपा में जाने की चर्चा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित लिखित त्यागपत्र में अपने राजनीतिक सफर और पार्टी से शिकायतों का विस्तार से जिक्र किया है।
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पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके राजनीतिक विरोधी विधायक आशुतोष मौर्य को अपने साथ मिला लिया है, जबकि उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने वर्तमान विधायक की पत्नी और बहन को पार्टी की सदस्यता दिलाने का भी उल्लेख किया।