खबर शहर , दिवाली से पहले जहरीली हुई आगरा की हवा: सड़कों की खेदाई से सांसों पर संकट, शहीद नगर में एक्यूआई @410 – INA

हवा में बढ़ते प्रदूषण से लोगों की सांसों पर संकट है। सीएम ग्रिड के तहत बन रही सड़कों की खोदाई के कारण धूल कणों से गले, आंख में एलर्जी हो रही है। आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों में बुधवार को शहर के 26 चौराहों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर रही। शहीद नगर में सबसे ज्यादा 410 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों में बुधवार को शहर का एक्यूआई 174 रहा।
यूपीपीसीबी की लैब के अनुसार संजय प्लेस क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा खराब रही है। 24 घंटे में ही दोगुना एक्यूआई हो गया। 3 नवंबर को संजय प्लेस का एक्यूआई 169 था, जो बुधवार को 236 एक्यूआई हो गया है। यहां पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 323 रहा। ये पांच गुना अधिक दर्ज किए गए। वहीं पीएम-10 का स्तर चार गुना अधिक 409 पर पहुंच गया।
फतेहपुर सीकरी के एक्यूआई में सुधार हुआ है। यहां का एक्यूआई 163 रहा। मंगलवार को 213 एक्यूआई था। दूसरी ओर आगरा स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट में शहीद नगर के बाद टेढ़ी बगिया में एक्यूआई सबसे खराब रहा, जो 406 दर्ज किया गया। दोनों जगह हवा की गुणवत्ता बेहद गंभीर स्थिति में रही, जहां सूक्ष्म कणों पीएम-10 की मात्रा 800 तक पहुंच गई।
आंख, नाक की एलर्जी, सीने में जकड़न
एसएन मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डॉ. स्निग्धा सेन बताया कि धूल के अतिसूक्ष्म कण आंखों में जाने से तेज खुजली होना, पानी आना, जलन, किरकिराहट की शिकायतें सामने आ रही हैं। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि धूल-कार्बन तत्व सांस नली में जाने से संक्रमण हो रहा है। इससे सीने में जकड़न और भारीपन हो रहा है। अस्थमा-सांस के मरीजों को धूल-धुआं से तेज खांसी हो रही है। अस्थमा अटैक का खतरा है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
स्मार्ट सिटी के सेंसरों के अनुसार
स्थान एक्यूआई
शहीद नगर 410
टेढ़ी बगिया 406
मीरा हुसैनी चौराहा 350
राजेश्वर मंदिर 332
छीपीटोला 327
राजामंडी 325
तेज नगर 322
सिकंदरा चौराहा 321
धूलियागंज 318
बाग फरजाना 317