Tach – क्या दिमाग भी पढ़ सकता है आने वाला Temple डिवाइस? दीपिंदर गोयल ने खोले कई राज, 1 नवंबर से प्री-ऑर्डर

Eternal के CEO Deepinder Goyal ने अपने नए वियरेबल डिवाइस Temple को लेकर कई अहम सवालों के जवाब दिए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर्स के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने इसके सेंसर, डिजाइन, स्किन केयर और भविष्य में आने वाले फीचर्स के बारे में जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि Temple सीधे इंसान के विचारों को नहीं पढ़ता, बल्कि इसमें Apple Watch जैसे वियरेबल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली Photoplethysmography (PPG) सेंसर टेक्नोलॉजी दी गई है.

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टेंपल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके संभावित thoughts-to-text फीचर की है. हालांकि, गोयल के मुताबिक, इस टेक्नोलॉजी को आने में अभी कई साल लग सकते हैं.

चश्मे के साथ और सोते समय भी कर सकेंगे इस्तेमाल

Deepinder Goyal के मुताबिक, टेंपल को इतना पतला बनाया गया है कि इसे चश्मे के नीचे भी पहना जा सकता है. इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें वियरेबल डिवाइस और चश्मे को एक साथ इस्तेमाल करने में परेशानी होती है.

उन्होंने यह भी बताया कि सोते समय करवट बदलने या तकिए पर सिर रखने के दौरान भी यह डिवाइस अपनी जगह पर बना रह सकता है.

टेंपल का डिजाइन काजू जैसा है. गोयल के मुताबिक, इस साइज़ से डिवाइस चेहरे पर छोटा दिखाई देता है, जबकि इसका सरफेस एरिया बरकरार रहता है. उन्होंने मजाक में इसकी तुलना कोशिकाओं में पाए जाने वाले माइटोकॉन्ड्रिया से भी की. इसके ब्लैक कलर वेरिएंट को उन्होंने काफी रिफ्लेक्टिव बताया, जिसका लुक और फील मेटल जैसा है.

Temple इस्तेमाल करते समय स्किन केयर का रखें ध्यान

कंपनी की सलाह है कि टेंपल के ग्रिप्स को पूरी तरह साफ त्वचा पर लगाया जाए. डिवाइस लगाने के बाद यूजर्स इसके ऊपर सनस्क्रीन, मॉइस्चराइजर और दूसरे स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कर सकते हैं.

गोयल के मुताबिक, इसके ग्रिप्स सांस लेने योग्य और मेडिकल-ग्रेड मटीरियल से बने हैं. उन्होंने इन्हें हर दो से तीन दिन में बदलने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों के लिए जो धूल और पसीने के संपर्क में ज्यादा रहते हैं.

क्या Temple दिमाग के विचार पढ़ सकेगा?

Goyal ने क्लियर किया कि फिलहाल Temple में PPG सेंसर का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह टेक्नोलॉजी सीधे विचारों को पढ़ने वाला सिस्टम नहीं है. उन्होंने 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए भी इस डिवाइस को जरूरी नहीं बताया, जब तक कि वे ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं के लिए खास लक्ष्य हासिल करने की कोशिश न कर रहे हों.

उन्होंने यह भी कहा कि डिवाइस में ऐसी कोई चीज नहीं है, जो विकसित हो रहे दिमाग को नुकसान पहुंचाए. हालांकि, इसके इस्तेमाल से जुड़े किसी भी व्यापक स्वास्थ्य संबंधी निष्कर्ष के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों को अलग से देखना जरूरी होगा.

कब शुरू होंगे Temple के प्री-ऑर्डर?

Deepinder Goyal के मुताबिक, Temple के प्री-ऑर्डर 1 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले हैं. इसे छह कलर ऑप्शन में पेश किए जाने की उम्मीद है.

डिवाइस में thoughts-to-text फीचर पर रिसर्च जारी है, लेकिन इसे आने में अभी कई साल लग सकते हैं. गोयल ने संकेत दिया कि यह फीचर तीसरी या चौथी जनरेशन में आ सकता है. फिलहाल कंपनी ने इसकी कीमत, बिक्री की पूरी जानकारी और सभी फीचर्स का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है.


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