सीजी- महासमुंद: 50 करोड़ का 100 क्विंटल गांजा जब्त, 501 आरोपी गिरफ्तार, पांच राज्यों में फैले नेटवर्क पर कसा शिकंजा – INA

छत्तीसगढ़ के महासमुंद पुलिस ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत बीते नौ महीनों में करीब 10,000 किलोग्राम (100 क्विंटल) गांजा जब्त किया है। बरामद किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है। पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक 177 प्रकरण दर्ज करके 501 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 70 आरोपी अभी भी फरार हैं। इस दौरान तस्करी में प्रयुक्त करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने केवल गांजा ही नहीं, बल्कि 1,432 किलोग्राम डोडा भी जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.14 करोड़ रुपये है।

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नेटवर्क और गिरफ्तारियों का ब्योरा

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पुलिस ने तस्करी के मामलों में केवल जब्ती तक कार्रवाई सीमित न रखकर परिवहन, स्रोत और गंतव्य तक पहुंचने वाले पूरे नेटवर्क की पड़ताल की है। गिरफ्तार आरोपियों में 289 कॅरिअर शामिल हैं। पुलिस ने एंड-टू-एंड जांच के तहत बैकवर्ड लिंकेज पर काम करते हुए ओडिशा से 145 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि फॉरवर्ड लिंकेज की कार्रवाई में 77 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। विभिन्न राज्यों से हुई गिरफ्तारियों के आंकड़े दर्शाते हैं कि यह अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क काफी व्यापक था। पुलिस ने छत्तीसगढ़ से 138, ओडिशा से 162, महाराष्ट्र से 103, मध्य प्रदेश से 73 और उत्तर प्रदेश से 54 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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फलों-सब्जियों की गाड़ियों और एंबुलेंस में छिपाया 

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जांच में सामने आए गंतव्य संबंधी आंकड़ों के अनुसार जब्त गांजे में से सर्वाधिक 4,511 किलोग्राम महाराष्ट्र भेजा जा रहा था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लिए 2,263 किलोग्राम, मध्य प्रदेश के लिए 1,223 किलोग्राम, राजस्थान के लिए 264 किलोग्राम, गुजरात के लिए 179 किलोग्राम और हरियाणा के लिए 30 किलोग्राम गांजा भेजा जा रहा था।

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तस्करों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों और अनूठी तरकीबों का इस्तेमाल किया। गांजे की खेप को फलों, सब्जियों वाले वाहनों, एंबुलेंस, पैकर्स एंड मूवर्स के सामान तथा कंटेनरों में बने विशेष चेंबरों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। इसके अलावा बस, ट्रेन, ट्रक, पिकअप, कूरियर सेवा के वाहनों और मोटरसाइकिल के माध्यम से भी मादक पदार्थों का परिवहन किया जा रहा था।

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ओडिशा के स्रोत क्षेत्रों की पहचान

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पकड़ी गई गांजे की खेपों का मुख्य स्रोत ओडिशा निकला है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की जांच में ओडिशा के कई जिलों की पहचान की है। आंकड़ों के अनुसार कालाहांडी से 2,679 किलोग्राम, कंधमाल से 2,153 किलोग्राम, बौद्ध से 1,177 किलोग्राम, रायगढ़ा से 950 किलोग्राम, सोनपुर से 872 किलोग्राम और बलांगीर से 791 किलोग्राम गांजे की आपूर्ति का संबंध सामने आया। इसके अलावा देवगढ़ से 281.900 किलोग्राम, नुआपाड़ा से 212.170 किलोग्राम, भुवनेश्वर से 207.710 किलोग्राम, बरगढ़ से 171.788 किलोग्राम और अंगुल से 148.495 किलोग्राम गांजे की खेप का स्रोत जुड़ा पाया गया।


Credit By Amar Ujala

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