Sport : ओलंपिक में 2 बार की मेडल विजेता मनु भाकर अब लड़ेंगी चुनाव, 4 सीटों के लिए 10 दावेदार #INA

Manu Bhaker: 2 बार ओलंपिक पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर अब एक नए मैदान में कदम रखने जा रही हैं. खेल के मैदान पर अचूक निशाना लगाने वाली मनु इस बार चुनावी मैदान में उतर रही हैं. वह इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन 2026-2030  (ISSF) की एथलीट्स कमेटी का चुनाव लड़ेंगी. वैश्विक स्तर पर निशानेबाजों के हितों की रक्षा करने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण कमेटी के चार सदस्यों के चयन के लिए कुल 10 दिग्गज दावेदार मैदान में हैं. 

निशानेबाजी के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर नेतृत्व की तैयारी

पिस्टल से मैदान पर भारत का नाम चमकाने वाली 22 साल की मनु भाकर अब पूरी दुनिया के खिलाड़ियों की आवाज बनने जा रही हैं. अगर मनु ISSF की एथलीट्स कमेटी का यह चुनाव जीत जाती हैं, तो वह दुनिया भर के निशानेबाजों की समस्याओं, उनके अधिकारों और खेल के नियमों को बेहतर बनाने के लिए सीधे इंटरनेशनल फेडरेशन के सामने बात रख पाएंगी. खेल प्रेमियों और पूरे देश के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि इतनी कम उम्र में मनु ने इस बड़े अंतरराष्ट्रीय पद के लिए कदम आगे बढ़ाया है. 

4 सीटों पर 10 दिग्गज दावेदार

ISSF की इस खास कमेटी में जगह बनाना मनु भाकर के लिए इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि उनके सामने दुनिया भर के 9 दिग्गज निशानेबाजों की कड़ी चुनौती है. इस चुनावी मैदान में कुल 10 खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें से वोटिंग के आधार पर सिर्फ टॉप 4 निशानेबाजों को ही कमेटी में शामिल होने का मौका मिलेगा. सबसे खास बात यह है कि इस चुनाव में दुनिया भर के एक्टिव और इंटरनेशनल निशानेबाज खुद वोट डालकर अपने इन 4 लीडर्स को चुनेंगे. 

मनु भाकर की मजबूत दावेदारी के मुख्य कारण

खेल के जानकारों का मानना है कि इस चुनाव में मनु भाकर की जीत की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पेरिस ओलंपिक में उनकी ऐतिहासिक कामयाबी है, जहां एक ही बार में दो मेडल जीतकर वह पूरी दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुकी हैं. साथ ही, सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक युवाओं और एथलीटों के बीच उनकी गजब की पॉपुलैरिटी है. सबसे खास बात यह है कि बेहद कम उम्र में ही कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स खेलने के कारण उन्हें खिलाड़ियों की जमीनी समस्याओं और खेल के नियमों की बहुत गहरी समझ है.

क्या होती है ISSF एथलीट्स कमेटी और क्यों है यह खास?

International Shooting Sport Federation (ISSF) की एथलीट्स कमेटी एक पुल की तरह काम करती है, जो एक्टिव खिलाड़ियों और खेल का संचालन करने वाले अधिकारियों को आपस में जोड़ती है. इस कमेटी का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना होता है कि खेल के नियमों में कोई भी बदलाव करने से पहले खिलाड़ियों की राय ली जाए. इसके अलावा, एथलीटों के डोपिंग, मानसिक स्वास्थ्य, ट्रेनिंग सुविधाओं और पुरस्कारों से जुड़े मामलों में भी यह कमेटी सीधे तौर पर नीति निर्धारण में भाग लेती है. अगर मनु यह चुनाव जीतती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का दबदबा और अधिक मजबूत होगा.

एक मीडिया विज्ञप्ति में भाकर ने कहा,  “मैंने बड़े स्तर पर खेलकर यह जाना है कि खिलाड़ियों को क्या मौके और मुश्किलें मिलती हैं. मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को सिर्फ मैच खेलने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खेल के नियमों और उसके भविष्य को तय करने में भी उनका हक होना चाहिए.  मेरा सपना है कि खेल के नियम बार-बार न बदलें, खिलाड़ियों को पैसा कमाने और आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिलें, उनकी सेहत और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए, और उनकी बात सुनने के लिए एक सही जगह हो. मैं एक ऐसा माहौल बनाना चाहती हूं जहां हर खिलाड़ी खेल के दिनों में और संन्यास लेने के बाद भी खुद को सुरक्षित, मजबूत और सम्मानित महसूस करे.

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ओलंपिक में 2 बार की मेडल विजेता मनु भाकर अब लड़ेंगी चुनाव, 4 सीटों के लिए 10 दावेदार





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