खबर शहर , यूपी: अमेरिका में बढ़ेगी आगरा के जूते की धमक, द्विपक्षीय समझौता से टला 100% टैरिफ, उद्यमियों में जागी उम्मीद – INA

भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक समझौते के बाद आगरा के जूता उद्योग ने बड़ी राहत की सांस ली है। इस डील से भारतीय जूतों पर लगने वाला संभावित 100 फीसदी टैरिफ टल गया है। फैसले से टैरिफ वार की मार झेल रहे जूता निर्यातकों में न सिर्फ राहत की उम्मीद जागी है, बल्कि अब अमेरिकी बाजार में आगरा के जूतों की धमक और तेजी से बढ़ेगी।

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ताजनगरी देश के कुल जूता निर्यात में लगभग 28 से 30 प्रतिशत की अहम हिस्सेदारी रखता है। यहां से सालाना करीब 5,000 करोड़ रुपये के फुटवियर विदेशों में भेजे जाते हैं, जिनमें यूरोपीय देशों के साथ-साथ अमेरिका एक बड़ा बाजार है। बीते कुछ समय से व्यापारिक गतिरोध, वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक मंदी के कारण निर्यात प्रभावित था। जूतों पर भारी-भरकम टैरिफ लगने की तलवार लटक रही थी। इसके चलते नए अमेरिकी ऑर्डर अटक गए थे। उद्यमी चीन या वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों में बाजार तलाश रहे थे।

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आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि अब 100 प्रतिशत टैरिफ का संकट टलने से स्थानीय उद्यमियों में भारी उत्साह है। आगरा के जूता निर्यातकों का आकलन है कि इस समझौते के बाद यहां से होने वाले निर्यात में 15 से 20 फीसदी तक का उछाल आ सकता है।

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कन्फडरेशन ऑफ इंडियन फुटवियर इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ओपेंद्र सिंह लवली ने कहा कि इससे न केवल विदेशी खरीदारों का भरोसा दोबारा कायम होगा, बल्कि ताजनगरी में जूता कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। फ्रेटरनिटी ऑफ आगरा फुटवियर के अध्यक्ष कुलदीप कोहली ने कहा कि आगरा के जूते की धमक अब फिर अमेरिका में गूंजेगी।

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Credit By Amar Ujala

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