अवैध गेस्ट हाउस-नर्सिंग होम का नहीं होगा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस:दिल्ली CM रेखा का बड़ा फैसला; बिना स्वीकृत नक्शे-फायर NOC के नहीं मिलेगा बीमा- INA NEWS

दिल्ली में अब अवैध रूप से बने गेस्ट हाउस और नर्सिंग होम का नहीं होगा ‘थर्ड पार्टी इंश्योरेंस’ जान-माल की सुरक्षा के लिए CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला; बिना स्वीकृत नक्शे और फायर NOC के नहीं मिलेगा बीमा, अवैध निर्माणों पर कसने जा रहा है शिकंजा
दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और कमर्शियल बिल्डिंग्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब ‘थर्ड पार्टी इंश्योरेंस’ का ब्रह्मास्त्र चलाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजधानी में भारी भीड़भाड़ वाली और सार्वजनिक उपयोग की सभी इमारतों के लिए ‘थर्ड पार्टी इंश्योरेंस’ व्यवस्था अनिवार्य करने की संभावनाओं पर तुरंत काम शुरू किया जाए। इस नीति का सीधा असर यह होगा कि जिन इमारतों के पास स्वीकृत बिल्डिंग प्लान (नक्शा) या फायर एनओसी नहीं होगी, उनका इंश्योरेंस नहीं हो सकेगा। बिना इंश्योरेंस के ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार केवल बुलडोजर चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इस समस्या का स्थायी और कानूनी समाधान ढूंढ रही है ताकि जनता के जान-माल को सुरक्षित किया जा सके। इंश्योरेंस पॉलिसी से कैसे रुकेगा अवैध खेल? जवाबदेही तय होगी: बिना वैध कागजात और सुरक्षा मानकों के बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं करेंगी। बिल्डर्स पर नकेल: हादसा होने की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजे का वित्तीय बोझ सीधे बिल्डिंग मालिकों और अवैध निर्माण करने वालों पर आएगा। पब्लिक सेफ्टी: गेस्ट हाउस, अस्पताल, और मॉल जैसी जगहों पर आने-जाने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को कानूनी गारंटी मिलेगी। जमीन पर महा-एक्शन 6 दिन में 94 इमारतें जमींदोज, 114 सीलइस नई नीति की तैयारी के साथ ही एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता के आदेश पर दिल्ली सरकार, एमसीडी और डीडीए का संयुक्त प्रवर्तन अभियान भी पूरी रफ्तार से चल रहा है। 1 जून से 6 जून के बीच हुई कार्रवाई के आंकड़े डराने वाले हैं। 124 जगहों का औचक निरीक्षण किया रिपोर्ट में राजस्व विभाग की 124 लोकेशन पर जांच, पुरानी दिल्ली में बड़ा झोल मिला। राजस्व विभाग ने दिल्ली के अलग-अलग जिलों में 124 जगहों का औचक निरीक्षण किया है। जिसमें चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली : यहां जांच में फायर एनओसी तो सही मिली, लेकिन स्वीकृत बिल्डिंग प्लान गायब था। मामला तुरंत एमसीडी को भेजा गया। दक्षिण जिला : सबसे ज्यादा 30 साइट्स की जांच हुई; 11 परिसरों को सील किया गया और 19 को नोटिस मिला। बाहरी उत्तर: भवन उपनियमों (बाय-लॉज) का गंभीर उल्लंघन मिलने पर 3 अवैध इमारतें ढहा दी गईं। अन्य जिले: उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और नई दिल्ली में कुल 74 जगहों पर सीलिंग और क्लोजर नोटिस जारी किए गए।

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