Crime- गजब का हाल: भुगतान हुआ न मिली मंजूरी, मथुरा की पंचायतों में अटका विकास कार्य; जानें क्या है वजह -#INA

मथुरा की 495 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अनुमोदन के इंतजार में अटके हैं। पांच माह में एक भी पंचायत में नए कार्यों को मंजूरी नहीं मिली। पंचायतराज कार्यालय पहुंचीं 50 फाइलों में से 32 ही सीडीओ तक जा सकी हैं। करीब 250 पंचायतों की फाइलें ब्लॉक और अन्य स्तरों पर लंबित चल रहीं हैं।
शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 28 मई से सभी प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। नई व्यवस्था में प्रशासकों को कोई भी नया विकास कार्य कराने से पहले जिला स्तरीय समिति से वित्तीय अनुमोदन लेना अनिवार्य किया गया। वहीं, पहले से कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए अनुमति की जरूरत नहीं थी। इसके बावजूद पुराने कार्यों के भुगतान भी अटके पड़े हैं।
जिला पंचायतराज कार्यालय में पहुंचीं 50 फाइलों में से 32 जांच के बाद मुख्य विकास अधिकारी के पास भेजी गई हैं, जबकि 18 में कमियां बताकर उन्हें पूरा कराने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर करीब 250 पंचायतों की फाइलें महीनों से विकासखंड या अन्य स्तरों पर अटकी हैं।
प्रधानों का आरोप है कि नए कार्यों की मंजूरी तो दूर, पुराने कार्यों का भुगतान भी नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत सचिव दबाव के चलते भुगतान नहीं कर रहे और अन्य कार्यों में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर ग्राम प्रधान संगठन ने देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आया।
नई शर्तों ने बढ़ाई अड़चन
पंचायत राज विभाग ने नए कार्यों के अनुमोदन से पहले गांवों में तालाबों को प्लास्टिक मुक्त करने, अंत्येष्टि स्थल और पंचायत भवन तैयार कराने तथा लाड़िली वन पर गेट निर्माण की शर्त रखी है। इन शर्तों के पूरा न होने से फाइलें विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं।
जिला पंचायतराज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि पांच माह में कार्यालय में अनुमोदन के लिए 50 फाइलें आई हैं। जांच के बाद 32 फाइलें सीडीओ के पास भेज दी गई हैं। जल्द ही इनके अनुमोदन की उम्मीद है। शेष फाइलों में कुछ कमियां हैं, जिन्हें पूरा कराया जा रहा है।