सुप्रीम कोर्ट पैनल सुनेगा जंतर-मंतर हिंसा से जुड़े आरोप:दावा- पेलेट गन चलाई, महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी हुई थी, ऑनलाइन भी दे सकेंगे बयान- INA NEWS

सुप्रीम कोर्ट की बनाई गई हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) 29 अक्टूबर को जंतर-मंतर हिंसा की सुनवाई करेगी। पैनल पेलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी के आरोपों पर सबूत दर्ज करेगा। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सुनवाई सुबह 11 बजे से शिक्षा सदन, 17 राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया में बने पैनल ऑफिस में होगी। हिंसा से प्रभावित लोग और आम लोग दोपहर 3 बजे तक शिकायत, प्रतिवेदन या सबूत जमा कर सकेंगे। इसके लिए वैध पहचान पत्र लाना जरूरी होगा। पैनल किन आरोपों की जांच करेगा कमेटी पेलेट गन के इस्तेमाल, चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की जांच करेगी। दोनों पक्षों की ओर से जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों की भी जांच होगी। पहले अधिकारियों ने सुनवाई पहले दो दिन होने की बात कही थी। बाद में उन्होंने साफ किया कि 29 अक्टूबर को सिर्फ एक दिन की सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बनाई 5 सदस्यों की कमेटी रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पैनल बनाया गया है। पैनल में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, पूर्व CBI निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP एलआर बिश्नोई शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह कमेटी गठित की थी। इन याचिकाओं में आंदोलन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ज्यादती के आरोप लगाए गए थे। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुआ था। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा के आरोप भी लगाए गए थे। ऑनलाइन भी जमा कर सकेंगे बयान और सबूत ज्यादा लोगों की भागीदारी और कमजोर स्थिति वाले गवाहों की सुरक्षा के लिए कमेटी ने ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। प्रभावित लोग, गवाह और दूसरे संबंधित पक्ष इस पोर्टल पर बयान, प्रतिवेदन और दस्तावेजी सबूत अपलोड कर सकते हैं। पहले जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा गया था कि ऑनलाइन पोर्टल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने HPEC को गवाहों को पूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनकी पहचान गोपनीय रखने और उनके बयान व सबूतों को पूरी तरह गुप्त रखने को कहा है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई थी हिंसा CJP के नेतृत्व में 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकाला गया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था। कुछ छात्रों को संभावित पेलेट गन से लगी चोटों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छात्रों का यह आंदोलन 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में यह कई शहरों तक फैल गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को छात्र आंदोलन खत्म कर दिया गया था।

Table of Contents

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News