Sports- एशियन पैरा गेम्स: शीतल-तोमन की जोड़ी का कीर्तिमान, विश्व रिकॉर्ड के बाद भारत को दिलाया तीरंदाजी में पहला गोल्ड -#INA

भारत की शीतल देवी और तोमन कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने गुरुवार को कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियन पैरा गेम्स की पैरा तीरंदाजी में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले दोनों ने क्वालिफाइंग राउंड में विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपनी ताकत दिखाई थी। 

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

विश्व रिकॉर्ड के बाद फाइनल में भी कमाल

Table of Contents

Table of Contents

क्वालिफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली शीतल और तोमन की जोड़ी ने 1402 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। फाइनल में भी दोनों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 38-37 से जीता और दूसरे सेट के बाद अपनी बढ़त 77-73 कर ली। इंडोनेशिया ने तीसरे सेट में एक अंक से बढ़त हासिल की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपनी कुल बढ़त बरकरार रखी। आखिरी सेट में दोनों टीमों ने 38-38 अंक बनाए। इस तरह भारत ने तीन अंकों के अंतर से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

जन्म से दोनों हाथ नहीं, पैरों से साधती हैं निशाना

Table of Contents

Table of Contents

शीतल देवी का सफर अपने आप में प्रेरणादायक है। जन्म से दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उन्होंने तीरंदाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। वह धनुष को सही स्थिति में रखने के लिए पैरों का इस्तेमाल करती हैं और कंधे तथा जबड़े की मदद से डोरी खींचकर निशाना साधती हैं।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

वर्ष 2019 में भारतीय सेना ने उनकी प्रतिभा पहचानी। इसके बाद उन्होंने कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2023 में वह विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली दुनिया की पहली ऐसी महिला तीरंदाज बनीं, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। वह विश्व चैंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी पदक जीत चुकी हैं। विश्व तीरंदाजी उन्हें दो बार वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुन चुकी है।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

देश की सेवा में गंवाया पैर, फिर विश्व चैंपियन बने तोमन

Table of Contents

Table of Contents

तोमन कुमार की कहानी भी संघर्ष और वापसी की मिसाल है। फरवरी 2022 में झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सीआरपीएफ में सेवा देते हुए वह आईईडी की चपेट में आ गए थे। इस हादसे में उनका बायां पैर चला गया। वर्ष 2023 में कृत्रिम पैर से जुड़ी सलाह लेने के दौरान उनका परिचय पैरा तीरंदाजी से हुआ। उन्होंने तेजी से इस खेल में प्रगति की और 2025 में दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में विश्व चैंपियनशिप के कंपाउंड पुरुष ओपन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। वह पैरा तीरंदाजी में विश्व चैंपियन बनने वाले भारत के पहले पुरुष तीरंदाज बने। अब शीतल और तोमन ने एशियन पैरा गेम्स का स्वर्ण जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है।

Credit By Amar Ujala

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News