JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप:11 छात्रों ने शिकायत की; छात्रसंघ ने कहा- प्रोफेसर देर रात तक लैब में रोकते हैं- INA NEWS

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के 11 छात्रों ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) में शिकायत की है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक, छात्रों ने मई में शिकायत दी थी। इसके बाद ICC ने मामले की जांच शुरू कर दी। इधर, JNU छात्रसंघ (JNUSU) ने साइंस लैब की सेफ्टी और छात्रों के साथ प्रोफेसरों के व्यवहार को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को ईमेल भेजा है। छात्रसंघ ने लैब का पूरा ऑडिट कराने, जरूरी सेफ्टी गियर देने और लैब की टाइमिंग तय करने की मांग की है। छात्रों को आधी रात तक लैब में रोकने का आरोप JNUSU ने आरोप लगाया कि कुछ प्रोफेसर छात्रों को बिना जरूरत रात 12 बजे तक लैब में काम करने के लिए कहते हैं। साइंस स्कॉलर्स को लंबे समय तक लैब में काम करना पड़ता है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। उसने स्कॉलर्स के लिए आरामदायक कुर्सियां देने की मांग भी की है। छात्रसंघ ने कहा कि लैब की टाइमिंग UGC की गाइडलाइन के मुताबिक तय होनी चाहिए। रिसर्च प्रोजेक्ट में देर रात काम जरूरी है या नहीं, इसका फैसला स्कॉलर को करने दिया जाना चाहिए। बिना ग्लव्स पारा संभालने का आरोप छात्रसंघ ने कहा कि कुछ लैब में जरूरी सेफ्टी गियर नहीं हैं। उसने आरोप लगाया कि छात्रों को पारा (Mercury) जैसे पदार्थ भी बिना सही ग्लव्स के संभालना पड़ रहा है। JNUSU ने सभी साइंस लैब का सेफ्टी ऑडिट कराने और यह पता लगाने की मांग की कि लैब में काम करने से कितने छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हुई हैं। प्रोफेसरों पर डराने और मॉरल पुलिसिंग का आरोप JNUSU ने आरोप लगाया कि स्कॉलर्स और सुपरवाइजर्स के बीच सख्त हायरार्की बनाई जा रही है। छात्रों को डराने और उनकी निजी जिंदगी में दखल देने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। छात्रसंघ ने सभी प्रोफेसरों के लिए जेंडर और कास्ट से जुड़ी संवेदनशीलता वर्कशॉप कराने की मांग की। साथ ही, छात्रों को परेशान करने वाले प्रोफेसरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहा है। JNU में पहले भी प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला यह शिकायत JNU में पहले सामने आए एक यौन उत्पीड़न मामले के बीच आई है। अप्रैल 2025 में यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। इनमें स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर प्रोफेसर स्वर्ण सिंह भी शामिल थे। सिंह पर जापान एंबेसी की एक अधिकारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। वह अधिकारी JNU के प्रोफेसरों के साथ अकादमिक कार्यक्रमों के लिए कोऑर्डिनेट करती थीं। एक अधिकारी के मुताबिक, सिंह के साथ आखिरी मीटिंग के बाद उन्होंने शिकायत की थी। जांच में सिंह के खिलाफ सबूत मिलने के बाद उन्हें बर्खास्त किया गया था। उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें होने की बात कही गई थी। एक सीनियर फैकल्टी मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह घटना मई 2024 में हुई थी। कमेटी ने इस मामले की विस्तार से जांच की थी और दोनों पक्षों को अपने गवाह पेश करने का मौका दिया था। 11 छात्रों की नई शिकायत पर ICC की जांच जारी है। JNU प्रशासन ने इस मामले पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है।

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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