खबर शहर , 225 किलो चांदी पकड़ी: मूंगफली की बोरी और बस में बैठी सवारियां, ऐसे चल रहा टैक्स चोरी का पूरा खेल; टीम भी हैरान – INA

ट्रेवल एजेंसियों की बसों में सवारियों की आड़ में चांदी और माल की अवैध ढुलाई हो रही है। बसों से जीएसटी चोरी और काली कमाई का खेल चल रहा है। शहर के प्रमुख अड्डों से प्रतिदिन दर्जनों बसों के जरिए सैकड़ों किलो चांदी व अन्य माल बिना वैध दस्तावेजों के दूसरे राज्यों में खपाया जा रहा है। जिससे राजस्व को भारी चपत लग रही है।

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धौलपुर हाउस, छीपीटोला, ईदगाह और ट्रांसपोर्ट नगर से वाराणसी, इंदौर, चंडीगढ़, बीकानेर और देहरादून जाने वाली बसों में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। आर्थिक नजरिए से यह सौदा ट्रेवल एजेंसियों के लिए बेहद सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो रहा है। जहां 700 किलोमीटर की यात्रा पर एक यात्री का किराया 1000 से 1500 रुपये है। वहीं, 200 किलो चांदी की ढुलाई पर एजेंसी संचालक 20 से 40 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। प्रति किलो 100 से 200 रुपये तक के कमीशन के लालच में बसों में 200 से 300 किलो तक माल छिपाकर भेजा जा रहा है।

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नेटवर्क में 100 से ज्यादा बसें शामिल

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एक ट्रेवल एजेंसी संचालक ने बताया कि शहर में सक्रिय 50 से अधिक ट्रेवल एजेंसियों की 100 से ज्यादा बसें इस नेटवर्क में शामिल हैं। हैरानी की बात ये है कि राज्य कर विभाग के सचल दल और परिवहन अधिकारियों की कथित सांठगांठ के चलते स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है। मुख्यालय स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद ही इन बसों की औचक जांच होती है, जिससे जीएसटी चोरी को संरक्षण मिल रहा है।

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143 किलो चांदी के मिले बिल, 82 किलो लावारिस

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आगरा के सैंया टोल प्लाजा पर यात्री बस से पकड़े गए चांदी के जेवरों का भौतिक सत्यापन शनिवार को पूरा हो गया है। चांदी का कुल वजन करीब 225 किलोग्राम है। इनमें से 143 किलो चांदी के ही वैध इनवॉयस मिले हैं, जबकि शेष 82 किलो चांदी पूरी तरह लावारिस है। इसे क्लेम करने के लिए शनिवार को जयपुर हाउस स्थित राज्य कर विभाग में कोई नहीं पहुंचा है। सचल दल तृतीय की जांच में सामने आया कि राधिका ट्रेवल्स की बस में चांदी को इस शातिर तरीके से छिपाया गया था कि सामान्य जांच में यह नजर न आए। तस्करों ने कीमती जेवरों को ऑटो पार्ट्स और मूंगफली की बोरियों के बीच दबा रखा था। भौतिक सत्यापन के दौरान बस में कर देयता के दायरे में आने वाला अन्य व्यावसायिक सामान भी बड़ी मात्रा में मिला। इनमें मूंगफली की बोरियां, भारी तादाद में ऑटो पार्ट्स, हार्डवेयर और कपड़े शामिल हैं, जिनके साथ कोई बिल या ई-वे बिल नहीं पाया गया। राज्य कर विभाग जब्त किए माल की वास्तविक बाजार कीमत का आकलन कर रहा है। एक-दो दिन में टैक्स और भारी पेनाल्टी लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि बिना बिल के इस माल को कहां खपाया जा रहा था। 

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यात्री सामान की आड़ में बसों में अवैध माल ढुलाई होती है। बसों की चेकिंग के दौरान सवारियां चेकिंग नहीं करने देतीं। राधिका ट्रेवल्स की बस से सैंया में 225 किलो चांदी पकड़ी थी। अभी कोई क्लेम करने नहीं आया। जांच चल रही है। -अंजनी कुमार अग्रवाल, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2, राज्य कर विभाग

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Credit By Amar Ujala

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