खबर शहर , यूपी: दिवाली पर जूता निर्यातकों को तोहफा, बढ़े मालभाड़े से मिलेगी राहत; 50 लाख रुपये तक कर सकेंगे क्लेम – INA

पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित निर्यातकों को मालभाड़े और बीमा लागत में राहत मिलेगी। माल ढुलाई में हुए नुकसान की भरपाई के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय पात्र एमएसएमई निर्यातकों को अतिरिक्त मालभाड़े और बीमा खर्च की 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति करेगा। इसकी अधिकतम सीमा प्रति इकाई 50 लाख रुपये तक हो सकती है।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

वाणिज्य मंत्रालय के बॉर्ड ऑफ ट्रेड के सदस्य पूरन डावर ने बताया कि पात्र निर्यातक दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। रेजीलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत पश्चिम एशिया में जारी समुद्री मार्गों के व्यवधान से प्रभावित निर्यातकों के लिए यह योजना है। मार्च 2026 से पहले से रवाना हो चुके ईसीजीसी-बीमित निर्यात माल को 100 प्रतिशत जोखिम कवर मिलेगा। जबकि नई खेपों को 95 प्रतिशत तक जोखिम कवर देने का प्रावधान है।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

चमड़ा एवं फुटवियर विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि अब तक देशभर से 500 से अधिक निर्यातकों को योजना का लाभ मिल चुका है। करीब 1,500 दावे और प्राप्त हुए हैं। योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। इसके तहत 16 मार्च 2026 या उसके बाद ली गई ईसीजीसी स्टैंडअलोन अथवा संपूर्ण कारोबार बीमा पॉलिसियों पर लाभ मिलेगा।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

जूता निर्यातक राजेश खुराना ने कहा कि कहा कि बढ़े मालभाड़े से छोटे निर्यातकों की लागत काफी बढ़ गई है। रिलीफ योजना में फुल कंटेनर लोड, लेस दैन कंटेनर लोड और खराब होने वाले माल की रीफर खेप शामिल हैं।


Credit By Amar Ujala

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News