मीडिया एसोसिएशन की याचिका- DPDP एक्ट खोजी पत्रकारिता में बाधा:लागू हुआ तो न्यूजरूम बंद हो जाएंगे; सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम रोक से इनकार, सरकार को नोटिस- INA NEWS

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को DPDP एक्ट 2023 को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। यह याचिका डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) और कई पुराने मीडिया संगठनों ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कानून न्यूज संगठनों पर लागू हुआ, तो खोजी पत्रकारिता प्रभावित हो सकती है। इससे पत्रकारों के गोपनीय सूत्रों की पहचान उजागर होने और न्यूज रूम बंद होने का खतरा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कानून पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि दूसरे पक्ष को सुने बिना रोक नहीं लगाई जा सकती। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। याचिका में डेटा जुटाने, इस्तेमाल, सुरक्षित रखने और हटाने से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाए गए हैं। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। पीठ ने वरिष्ठ वकील माधवी दीवान की दलीलें सुनने के बाद केंद्र को नोटिस जारी किया। माधवी दीवान DNPA की ओर से पेश हुईं। उन्होंने कहा कि कानून के तहत पत्रकारों को उन लोगों से सहमति लेनी पड़ सकती है, जिनकी वे जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पत्रकार उन्हीं लोगों पर निर्भर हो जाएंगे, जिनके बारे में वे खबर कर रहे हैं। इससे न्यूज रूम प्रभावी रूप से बंद हो सकते हैं। दीवान ने कहा कि यह कानून पत्रकारों को नियंत्रित करने के लिए नहीं बनाया गया था। न्यूज संगठनों पर इसे लागू करने से “प्री-सेंसरशिप व्यवस्था” बन सकती है। उन्होंने कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये प्रावधान पत्रकारों के जानकारी जुटाने, उसे सुरक्षित रखने और रिपोर्ट करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। डेटा सुरक्षा और प्रेस की आजादी में संतुलन CJI सूर्यकांत ने कहा कि नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और प्रेस की आजादी के बीच संतुलन बनाना होगा। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता “इस क्षेत्र के विशेषज्ञ” हैं। वे कानून के संभावित गलत इस्तेमाल की पहचान करने में केंद्र और कोर्ट की मदद कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि इसके साथ नागरिकों के अधिकारों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। कोर्ट ने इस चरण पर कानून पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) कई बड़े न्यूज संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन ने अपनी याचिका में कहा है कि डेटा से जुड़े प्रावधान न्यूज संगठनों के काम में दखल दे सकते हैं। याचिका में कहा गया है कि इन प्रावधानों से खबर जुटाने की प्रक्रिया और पत्रकारिता के सूत्रों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यह याचिका डेटा सुरक्षा ढांचे को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने के बीच दायर हुई है। कानून के कई अहम प्रावधान मई 2027 से लागू होने हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान और वकील अनुज तिवारी पेश हुए।
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