खबर शहर , ठगी का नया तरीका: लोन डिफाल्टरों को शिकार बना रहे साइबर अपराधी, झांसे में लेकर ऐसे करते हैं वसूली – INA

साइबर अपराधी ऑनलाइन फाइनेंस एप से ब्लैकलिस्ट हुए लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर . देकर लोन दिलाने या आईडी खुलवाने का वादा करते हैं। इसके बदले एक से दो हजार रुपये तक की फीस वसूलते हैं, जिससे कई लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।

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अधिकांश मामलों में रकम कम होने के कारण पीड़ित पुलिस से शिकायत भी नहीं करते हैं। डीसीपी साइबर क्राइम ने लोगों को अनजान लिंक और .ों से संपर्क न करने की सलाह दी है। लायर्स कॉलोनी निवासी मोनू कुशवाह को नौकरी छूटने पर ऑनलाइन एप से लोन नहीं मिला। एप ने उन्हें दो माह के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था।

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सोशल मीडिया पर उन्हें एक . दिखा जिसमें पुरानी लोन एप का लोगो था। . में पुराना लोन बंद कराने और आईडी खुलवाने का ऑफर दिया गया था। लिंक पर क्लिक करने पर एक नंबर मिला। कॉल करने पर नए नंबर से कॉल आई जिसने आईडी खुलवाने के लिए दो हजार रुपये मांगे। क्यूआर कोड पर रुपये भेजने के बाद भी उनकी आईडी ब्लैकलिस्ट ही रही। मोनू ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

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तोरा निवासी अनूप कुमार भी एक एप से लोन लेकर ब्लैकलिस्ट हो गए थे। उन्हें फेसबुक पर एक . दिखा जो ठगी का प्रयास था। अनूप ने एप के नाम में गलती पकड़ी और रुपये भेजने से इन्कार कर दिया। उन्होंने एप के हेल्प सेक्शन में जांच की तो ऐसी कोई सुविधा नहीं थी। इस सतर्कता से वह ठगी से बच गए।

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Credit By Amar Ujala

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