खबर शहर , फर्जी दाखिल-खारिज : लेखपाल, कानूनगो सहित तीन पर प्राथमिकी – INA

आगरा। फर्जी तरीके से जमीन की खरीद और दाखिल-खारिज के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच के बाद तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला थाना शाहगंज में दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी और मिलीभगत के आरोप हैं।

एसडीएम सदर की जांच में साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह पूरा मामला गांव सरबतपुर, बमराैली कटारा निवासी मल्ला देवी से जुड़ा है। मल्ला देवी ने 22 अक्तूबर 2008 को मंजू देवी से 405 वर्ग मीटर का एक भूखंड खरीदा था। उन्होंने 30 अप्रैल 2009 को न्यायालय नायब तहसीलदार, कुंडौल में वाद दायर कर अपने नाम परिवर्तन भी करा लिया।

पीड़िता का आरोप है कि 10 अप्रैल 2015 को इसी भूखंड की रजिस्ट्री शेर सिंह ने मंजू देवी से अपने नाम करा ली। इस रजिस्ट्री में मंजू देवी के पति राजेंद्र सिंह, शेर सिंह के भाई गया प्रसाद और ईश्वरी प्रसाद ने गवाही दी। मल्ला देवी ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया, जिसके आदेश पर गया प्रसाद, शेर सिंह, ईश्वरी प्रसाद, मंजू देवी और राजेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। हालांकि, विवेचक ने विवेचना में केवल मंजू देवी और राजेंद्र सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। शेर सिंह और उसके भाइयों गया प्रसाद व ईश्वरी प्रसाद के नाम निकाल दिए गए।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी शेर सिंह ने नायब तहसीलदार कुंडौल अभयराज सिंह के न्यायालय में खतौनी में अपना नाम परिवर्तन करा लिया। इस प्रक्रिया में तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो से कब्जा होने की फर्जी रिपोर्ट भी लगवाई गई। 9 सितंबर 2019 को शेर सिंह ने अपने नाम दाखिल-खारिज भी करा लिया। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने नायब तहसीलदार न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। न्यायालय ने शेर सिंह का नामान्तरण रद्द कर दिया।

पुलिस आयुक्त से की शिकायत पर जांच

मामले में न्याय न मिलने पर पीड़िता ने जनवरी 2024 में पुलिस आयुक्त से शिकायत की। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच के आदेश दिए। जांच में तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत सामने आई।

वर्जन

– लेखपाल कानूनगो को अपनी रिपोर्ट देता है। इसलिए दोनों को आरोपी बनाया गया है। बिना जांच के रिपोर्ट कैसे लगाई गई। एसडीएम सदर की जांच में तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत उजागर हुई। प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। – गौरव सिंह, एसीपी लोहामंडी


Credit By Amar Ujala

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News