अल्बानिया में छात्रों ने PM ऑफिस की कुर्सियां जलाईं:प्रधानमंत्री ने खुद इन्हें रखा था, इन पर लिखा था- बातचीत करें- INA NEWS

अल्बानिया में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी। प्रधानमंत्री एदी रामा ने छात्रों से बातचीत करने के लिए ये कुर्सियां और पत्थर की एक बड़ी मेज रखवाई थी। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ यानी बातचीत लिखा था, लेकिन छात्रों ने बातचीत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कुर्सियों पर ‘इस्तीफा’ लिखकर अपना विरोध जताया। राजधानी तिराना में छात्र और युवा पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदर्शनकारी पहले शिक्षा मंत्रालय के बाहर जुटे। यहां उन्होंने कुछ देर तक प्रदर्शन किया और इमारत पर पत्थर भी फेंके। इसके बाद वे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गए और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। अल्बानिया में छात्रों की मांग क्या है? भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: छात्र सरकार और सरकारी अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और जवाबदेही चाहते हैं। कॉलेज की फीस कम हो: छात्रों की मांग है कि पढ़ाई का खर्च कम किया जाए, ताकि ज्यादा लोग पढ़ सकें। नौकरी के मौके: युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर चाहते हैं। किराया और घर सस्ते: बढ़ते किराए और महंगे घरों को लेकर भी युवाओं में नाराजगी है। ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। हिंसक प्रदर्शन के बाद नया कानून लाएंगे रामा प्रधानमंत्री एडी रामा ने हिंसा और शहर में तोड़फोड़ रोकने के लिए नए कानूनी उपायों का ऐलान किया है। इसके तहत हिंसा में नुकसान उठाने वाले कारोबारियों को मुआवजा दिया जाएगा। छोटे कारोबारियों को नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा, जबकि बड़े कारोबारियों को 70% रकम दी जाएगी। पत्रकारों, डॉक्टरों, निगरानी करने वालों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वहां से गुजर रहे लोगों को इससे छूट मिलेगी। नए नियमों से लोगों के प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की आजादी पर रोक नहीं लगेगी। —————————- यह खबर भी पढ़ें… अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे: सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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