यूपी – केजीएमयू धर्मातरण : एसटीएफ की रिपोर्ट आते ही फिर बंद होने लगे सोशल मीडिया ग्रुप, सतर्क हुए डॉक्टर-कर्मचारी – INA

केजीएमयू धर्मांतरण प्रकरण में एसटीएफ की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों में फिर हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. रमीज का प्रकरण उजागर होने पर बंद किए गए सोशल मीडिया ग्रुप कुछ समय बाद दोबारा सक्रिय हो गए थे। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इन्हें फिर बंद किए जाने और मोबाइल नंबर बंद होने की जानकारी है।

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केजीएमयू में कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार लंबे समय से चल रहा है। एसटीएफ की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि 2006 से धर्मांतरण का खेल चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, दिसंबर 2025 में डॉ. रमीज का मामला सामने आने के बाद धर्मांतरण में शामिल डॉक्टर और कर्मचारी जांच की आशंका से सतर्क हो गए थे। उन्हें डर था कि कहीं मामले की जांच की आंच उन तक न पहुंच जाए।

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मामला एसटीएफ को ट्रांसफर कर दिया गया था। एसटीएफ ने लंबे समय तक गोपनीय तरीके से जांच की। इस दौरान संबंधित लोगों को लगा कि मामला ठंडा पड़ गया है। इसके बाद धर्मांतरण के प्रयास और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़े नेटवर्क फिर सक्रिय हो गए। हालांकि, एसटीएफ की रिपोर्ट सामने आने के बाद ये सभी फिर दहशत में आ गए हैं।

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रिपोर्ट दर्ज होने पर बढ़ सकता है जांच का दायरा

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मामले में एफआईआर दर्ज कर . की जांच होने पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। जांच का दायरा प्रदेश के बाहर के मेडिकल संस्थानों तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब केजीएमयू प्रशासन के रिपोर्ट दर्ज कराने के फैसले पर नजर है।

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सुबूत मिटाने की आशंका एसटीएफ की रिपोर्ट

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में मामले में शामिल डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख है। सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया ग्रुप बंद कर दिए गए हैं। कई मोबाइल नंबर भी बंद होने की जानकारी है। एक-दूसरे से सिर्फ व्हाट्सएप और फेसटाइम कॉल के जरिये ही बातचीत कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश हो सकती है।


Credit By Amar Ujala

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