यूपी – कारगिल विजय दिवस: पाक सेना पर काल बनकर टूटी थीं बोफोर्स व 105 एमएम फील्ड गन, युद्ध की कहानी योद्धाओं की जुबानी – INA

26 जुलाई 1999 यह सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, समर्पण और भारत माता के जयकारों की गूंज है। कारगिल की बर्फीली और ऊंची चोटियों पर जब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने नापाक कदम रखे तो जांबाजों ने अपनी जान की बाजी लगाकर दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जांबाज योद्धाओं ने कारगिल युद्ध की कहानी बयां की।
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इस दौरान आर्टिलरी में तैनात रहे अविनाश अग्निहोत्री बताते हैं कि युद्ध बेहद ऊंचे और दुर्गम पर्वतों पर लड़ा जा रहा था, जहां दुश्मन ऊपर बैठकर गोलीबारी कर रहा था। ऐसे में बोफोर्स और 105 एमएम फील्ड गन पाकिस्तानी सेना के लिए साक्षात काल बनकर टूटीं। इन तोपों ने ऐसी बमबारी की कि दुश्मन को संभलने का एक मौका तक नहीं मिला। यह तोपें पूरे युद्ध की सबसे बड़ी ताकत साबित हुईं।