Technology, गूगल मैप्स पर कैसे जुड़ते हैं जगहों के नाम?: जानिए कौन देता है जानकारी और वेरिफिकेशन का प्रोसेस — INA

Google Maps Places: देखिए गूगल मैप्स किसी एक स्रोत पर निर्भर नहीं रहता है। प्लेटफॉर्म पर दिखने वाली सभी जानकारी कई अलग-अलग जगहों से ली जाती हैँ। इनमें स्थानीय व्यवसाय,  सरकारी रिकॉड, मैपिंग पार्टनर्स, वेबसाइट्स और गूगल की अपनी मैपिंग व सर्वे प्रक्रिया शामिल होती है। इन सभी स्रोतों से मिली जानकारी को मिलाकर मैप्स को लगातार अपडेट किया जाता है।


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ये लोग खुद जोड़ सकते हैं अपनी लोकेशन


  • अगर किसी व्यक्ति ने नया बिजनेस शुरू किया है, तो वह गूगल बिजनेस प्रोफाइल के जरिए अपनी दुकान, ऑफिस या संस्थान की जानकारी खुद दर्ज कर सकता है। इसमें पता, फोन नंबर, वेबसाइट, काम करने का समय और फोटो जैसी जानकारी शामिल की जाती है।

  • जानकारी जमा करने के बाद गूगल वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करता है। सत्यापन सफल होने पर वह बिजनेस गूगल मैप्स पर दिखाई देने लगता है।

आम यूजर्स भी कर सकते हैं अपडेट


  • गूगल मैप्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम यूजर्स भी नई जानकारी जोड़ सकते हैं। जैसे मान लीजिए किसी की नई दुकान, सड़क या स्थान का नाम मैप्स पर नहीं दिख रहा है, तो यूजर Add a Place या Suggest an Edit फीचर का इस्तेमाल करके जानकारी भेज सकता है।

  • गूगल इस जानकारी की जांच करता है और सही पाए जाने पर उसे मैप्स में शामिल कर देता है।

हर जानकारी की कई स्तर पर होती है जांच


  • गूगल मैप्स पर कोई भी जानकारी सीधे नहीं दिखाई देती। कंपनी अपने एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग सिस्टम और ह्यूमन वेरिफिकेशन की मदद से हर जानकारी की पुष्टि करती है।

  • अगर अलग-अलग स्रोतों से एक जैसी जानकारी मिलती है, तो उसके सही होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • वहीं, अगर कोई जानकारी गलत या भ्रामक पाई जाती है, तो उसे मैप्स से हटाया भी जा सकता है। यही वजह है कि Google Maps लगातार बेहतर होता रहता है।

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