Sport : Explainer: कौन रहा भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन हेड कोच? जानें किसने टीम इंडिया को कितना किया मजबूत #INA

Explainer: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में देश और दुनिया के कई महान दिग्गजों ने हेड कोच की भूमिका निभाई है, लेकिन जब बात सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली हेड कोच की होती है, तो गैरी कर्स्टन, जॉन राइट और राहुल द्रविड़ के नाम सबसे ऊपर आते हैं. इन सभी में से गैरी कर्स्टन को भारतीय क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे सफल और पसंदीदा हेड कोच माना जाता है, जिन्होंने 28 साल बाद टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. तो चलिए, इस आर्टिकल में भारतीय टीम के उन सभी हेड कोचों की बात करते हैं और जानते हैं कि किस कोच के कार्यकाल में भारतीय टीम कितनी सफल रही. 

भारतीय टीम में गैरी कर्स्टन का कार्यकाल (2008–2011)

साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज गैरी कर्स्टन ने साल 2008 से 2011 तक टीम इंडिया के हेड कोच की जिम्मेदारी निभाई थी. उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट का गोल्डन पीरियड माना जाता है. कर्स्टन भले ही एक शांत स्वभाव के थे, लेकिन वो एक कमाल के बैकस्टेज रणनीतिकार थे, जिन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी और एक नई पीढ़ी को आगे बढ़ाया. उनकी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जुगलबंदी ने इतिहास रच दिया.

गैरी कर्स्टन ने अपनी कोचिंग में 28 साल बाद भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया. भारत ने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में श्रीलंका को हराकर अपनी धरती पर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था. इतना ही नहीं, टीम इंडिया ने गैरी कर्स्टन की कोचिंग में ही पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बनने का कारनामा किया. दिसंबर 2009 में भारतीय टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के इतिहास में पहली बार आधिकारिक तौर पर दुनिया की नंबर-1 टीम बनी. गैरी कर्स्टन के कार्यकाल में टीम इंडिया ने विदेशों में भी अपना परचम लहराया. भारत ने कर्स्टन के मार्गदर्शन में लंबे समय बाद न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज जीती और दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज 1-1 से ड्रा कराने में सफलता हासिल की.

जॉन राइट को माना जाता है भारतीय टीम का शिल्पकार (2000–2005)

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान जॉन राइट भारत के पहले विदेशी हेड कोच थे. उन्हें साल 2000 में उस वक्त टीम इंडिया की हेड कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई जब भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के काले साए और विवादों से जूझ रहा था. जॉन राइट ने कप्तान सौरव गांगुली के साथ मिलकर एक ऐसी निडर टीम की नींव रखी, जिसने विदेशी धरती पर जाकर जीतना सीखा. 

यह भी पढ़ें:  वैभव सूर्यवंशी के लिए ट्रांसलेटर बने कप्तान श्रेयस अय्यर, मैच प्रेजेंटेशन के दौरान इंग्लिश में दोहराए शब्द

जॉन राइट की कोचिंग में टीम इंडिया ने साल 2003 में साउथ अफ्रीका में खेले गए वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया था. इसके अलावा साल 2001 में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के लगातार 16 टेस्ट मैचों के विजय रथ को रोककर घरेलू सरजमीं पर 2-1 से ऐतिहासिक सीरीज दर्ज की थी. जॉन राइट की कोचिंग में भारत ने इंग्लैंड में साल 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीता. वहीं ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज को 1-1 से ड्रा कराया. इसके अलावा साल 2004 में पाकिस्तान को उसके घर में टेस्ट और वनडे दोनों सीरीज में हराया था. 

रवि शास्त्री की कोचिंग में भारत ने विदेशों में टेस्ट में दबदबा बनाया (2017–2021)

रवि शास्त्री साल 2017 से 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच रहे. उनके कार्यकाल में टीम इंडिया में एक अलग प्रकार की आक्रामकता और फिटनेस कल्चर देखने को मिला. शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की जोड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में विदेशी सरजमीं पर भारतीय टीम को आक्रामक खेलना सिखाया और बेहद खतरनाक टीम बना दिया. जीत के प्रतिशत के मामले में रवि शास्त्री टीम इंडिया के सबसे सफल हेड कोचों में गिने जाते हैं.

रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने लगातार 2 बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा किया. भारत ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2018-19 और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में लगातार 2 बार शिकस्त दी. भारतीय टीम, ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही धरती पर 2 बार टेस्ट सीरीज हराने वाली एशिया की पहली टीम बनी. इसके अलावा साल 2021 में शुरू हुए इंग्लैंड दौरे पर भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और अंततः साल 2022 में यह सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई. इतना ही नहीं टीम इंडिया ने शास्त्री की देखरेख में विदेशी सरजमीं पर द्विपक्षीय टी20 और वनडे सीरीज जीतीं. हालांकि, शास्त्री के कार्यकाल में टीम इंडिया को कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं मिली.

राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में भारत ने ICC ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया (2021–2024)

रवि शास्त्री के बाद नवंबर 2021 में दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त किया गया. राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की जोड़ी ने टीम इंडिया को आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में लगातार मजबूत दावेदार बनाए रखा. द्रविड़ की कोचिंग में भारत ने एक बार आईसीसी खिताब जीता. जबकि एक बार एशिया कप ट्रॉफी को अपने नाम किया. 

राहुल द्रविड़ के कार्यकाल के आखिरी मैच में भारतीय टीम ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. टीम इस टूर्नामेंट में सभी मैचों में अजेय रहते हुए चैंपियन बनी थी. भारत ने 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. इससे पहले साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने फाइनल तक का सफर तय किया था. इस टूर्नामेंट में भी भारतीय टीम अपने लगातार सभी मैच जीतकर फाइनल में पहुंची थी, लेकिन फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. टीम इंडिया द्रविड़ की कोचिंग में 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में भी पहुंची थी, लेकिन इस खिताबी मैच में भी भारत को हार मिली थी. वहीं, एशिया कप 2023 में भारत ने श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी को अपने नाम किया था. इतना ही नहीं, टीम इंडिया ने द्रविड़ की कोचिंग में द्विपक्षीय सीरीज में भी लगातार अपना दबदबा बनाए रखा. द्रविड़ के बाद गौतम गंभीर को टीम इंडिया का हेड कोच बनाया गया. उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप को अपने नाम जरूर किया, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत का बुरा हाल है.

यह भी पढ़ें:  IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को लग सकता है तगड़ा झटका, कई बड़े प्लेयर्स के खेलने पर सस्पेंस

Explainer: कौन रहा भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन हेड कोच? जानें किसने टीम इंडिया को कितना किया मजबूत





देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :->/b>Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button
Close