सिद्धारमैया का ऐलान- 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा:बोले- राजनीति भ्रष्ट हो गई; दो महीने पहले CM पद छोड़ा था, शिवकुमार नए मुख्यमंत्री बने- INA NEWS

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस लीडर सिद्धारमैया ने कहा है कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे। उन्होंने शनिवार को मंड्या जिले के के.आर. पेट में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा- राजनीति अब पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है और ईमानदार राजनीति के लिए जगह नहीं बची है। सिद्धारमैया ने कहा- मैं अब 79 साल का हो चुका हूं। हमारी सरकार का कार्यकाल अभी करीब डेढ़ साल बाकी है। तब तक मेरी उम्र 81-82 साल हो जाएगी। मेरी सेहत पहले जैसी मजबूत नहीं रही। अब पहले जैसे उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है। सिद्धारमैया का यह बयान उनके CM पद छोड़ने के दो महीने बाद आया है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के निर्देश और रोटेशनल सीएम फॉर्मूले (दो या ज्यादा नेताओं के बीच 5 साल के कार्यकाल को बांटना) के तहत 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। वे 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री थे। उनके बाद डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया। सिद्धारमैया बोले- 2028 में राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे होंगे सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा- वरुणा विधानसभा क्षेत्र के लोग एक बार फिर मुझ पर चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन मैंने फैसला कर लिया है कि अब आगे कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तब क्षेत्र के लोग हमें पैसे देते थे और हमारी जीत सुनिश्चित करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। सिद्धारमैया ने कहा- अब ऐसा समय आ गया है कि चुनाव लड़ना हो तो नेताओं को ही लोगों को पैसे देने पड़ते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मैंने भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। 2028 तक मैं 82 साल का हो जाऊंगा। उस समय मेरे राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हो जाएंगे। सिद्धारमैया बोले- अपने सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया पूर्व CM ने आगे कहा- मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने कभी अपने सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया और न ही अपनी अंतरात्मा से समझौता किया। पिछले पांच दशकों से राज्य के लोगों ने मुझे अपना मानकर प्यार और मार्गदर्शन दिया है। उनका यह ऋण मैं हमेशा महसूस करता हूं। इसलिए मेरा आगे का जीवन भी जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेगा। ढाई साल बाद CM पद छोड़ने को तैयार नहीं थे सिद्धारमैया कर्नाटक में 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के समय मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के कार्यकाल का फॉर्मूला चर्चा में रहा था। 20 नवंबर 2025 को सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे होने के बाद सत्ता परिवर्तन की मांग तेज हो गई। डीके शिवकुमार और उनके समर्थक कथित ‘सीक्रेट डील’ लागू करने का दबाव बनाने लगे, लेकिन सिद्धारमैया लगातार इससे इनकार करते रहे। बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस आलाकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर बातचीत की और मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।20 मई 2026 को सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री के रूप में तीन साल पूरे होने पर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा फिर शुरू हुई। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दिल्ली तलब किया। बैठक से पहले उन्होंने कर्नाटक भवन में अपने समर्थक मंत्रियों और विधायकों के साथ नाश्ता कर शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कई दौर की बैठक हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलाकमान ने सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने और उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को मंत्री बनाने जैसे प्रस्ताव दिए। आखिरकार 28 मई को सिद्धारमैया ने मंत्रिमंडल की बैठक में पद छोड़ने का ऐलान किया और बाद में अपना इस्तीफा सौंप दिया।

Table of Contents

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News