यूपी – UP: ‘सीवर, फैक्टरी का कचरा और अतिक्रमण’, ऐसे दम तोड़ रही सरायन नदी; ग्राउंड रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा – INA

यूपी के सीतापुर में सरायन नदी को बचाने के लिए योजनाओं और दावों की कमी नहीं रही। समय-समय पर नदी के पुनर्जीवन, अतिक्रमण हटाने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की घोषणाएं होती रहीं। बैठकों में अफसरों ने नदी को स्वच्छ बनाने के दावे किए, लेकिन हकीकत दावों से अलग है। आज भी शहर का गंदा पानी बिना उपचार के सीधे सरायन में गिर रहा है।
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अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि शहर के आलमनगर, नई बस्ती, सिविल लाइंस और अन्य इलाकों से निकलने वाला घरेलू सीवर बिना शोधन के नदी तक पहुंच रहा है। पूरे शहर में एक भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं है। शहर का मल-मूत्र सीधे नदी में गिर रहा है। फैक्टरियों का कचरा, शहर की गंदगी, अतिक्रमण और प्लास्टिक व जलकुंभी सरायन की बर्बादी के चार प्रमुख कारण हैं।