खबर शहर , UP: आगरा में सांप-भालू-कछुओं के बाद तेंदुओं की खाल की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय लिंक खंगाल रही एजेंसियां – INA

10 तेंदुओं की खाल और सिर के साथ गिरफ्तार किए गए चारों तस्करों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश की जा रही है। शुक्रवार को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने चारों आरोपी तस्करों से मध्य प्रदेश में तेंदुओं को मारने वाली जगह और इसकी खाल की मांग करने वालों के बारे में पूछताछ की। वन विभाग के मुताबिक चारों तस्करों को मध्य प्रदेश एसटीएफ के साथ उन जगहों पर ले जाकर सीन री-क्रिएट करेगी। वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से भी इस मामले में मदद मांगी है।

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आगरा में पहले सांप की खाल और जहर का कारोबार करने वालों के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा हुआ था, वहीं भालू और कछुओं की तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ भी आगरा में हुआ। अब तेंदुओं की खाल और अंगों के तस्कर पहली बार आगरा में गिरफ्तार किए गए हैं। शुक्रवार को करीब पांच घंटे तक वन विभाग ने इन चारों तस्करों से पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां मिली हैं। मध्य प्रदेश के जंगलों में तेंदुओं को मारने के बाद दिल्ली और हरियाणा के शहरों में वह खाल और अंगों को बेचते थे। आगरा में एक्सप्रेसवे, हाईवे और रेलवे का नेटवर्क होने के कारण यहीं से वह देश के कोने-कोने तक पहुंचते थे। मध्य प्रदेश से आने के बाद उनका पहला ठिकाना आगरा ही बनता था।

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डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि तस्करों को मध्य प्रदेश में उन्हीं जगहों पर ले जाया जा सकता है, जहां उन्होंने तेंदुओं को शिकार बनाया है। यह अंतराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं, इसलिए सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।

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कागारौल रेंज में दर्ज की गई प्राथमिकी

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बृहस्पतिवार को वन विभाग की संयुक्त टीम ने 10 तेंदुओं की खाल और सिर के साथ चार वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार किया था। आरोपी मध्य प्रदेश से वन्यजीवों की खालें लाकर दिल्ली और हरियाणा में सप्लाई करते थे। वन विभाग के कागाराैल रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत चारों आरोपियों मध्य प्रदेश निवासी भोगीराम आदिवासी, हरियाणा के पलवल निवासी भगत सिंह, और मोहना निवासी सतपाल और मुरैना निवासी गब्बर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शुक्रवार को वन दरोगा मुकेश कुमार ने सैंया सीएचसी में सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया। मुकेश कुमार ने ही कागारौल रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियाें ने पूछताछ में बताया कि वह तेंदुए की खाल और सिर मध्य प्रदेश के श्योपुर क्षेत्र से लेकर आए थे। सैंया के बीरई स्थित एक होटल में बिक्री के इरादे से ठहरे थे कि वाइल्ड लाइफ एसओएस की सूचना पर वन विभाग के रेंजर सम्यक जैन और विशाल राठौर के साथ आई पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 


Credit By Amar Ujala

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