सीजी- रायपुर: जनहित क्रांति पार्टी पर प्रतिबंध एक साल बढ़ा, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, 2027 तक प्रभावी रहेगा बैन – INA

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में जनहित क्रांति पार्टी को विधि विरुद्ध घोषित किए जाने की समय-सीमा एक वर्ष के लिए और बढ़ा दी है। गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार का यह नया आदेश छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। नई अधिसूचना के मुताबिक इस संगठन पर लागू प्रतिबंध की अवधि 17 दिसंबर 2026 से प्रभावी होकर अगले एक साल के लिए बढ़ा दी गई है।
प्रतिबंध की समय-सीमा में विस्तार
अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि जनहित क्रांति पार्टी को छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत एक बार फिर विधि विरुद्ध संगठन घोषित किया गया है। इससे पूर्व भी इस संगठन पर प्रतिबंध लागू था, जिसकी अवधि समाप्त होने से पहले ही सरकार ने इसे अगले एक वर्ष के लिए पुनः बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद संगठन पर लगे प्रतिबंध की प्रभावशीलता 17 दिसंबर 2027 तक बनी रहेगी। इसका अर्थ यह है कि आगामी एक साल तक इस संगठन को राज्य में विधि विरुद्ध संगठन के रूप में ही माना जाएगा।
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अधिनियम और सुरक्षा के प्रावधान
गृह (सी-अनुभाग) विभाग द्वारा जारी आदेश में छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इस आदेश की प्रभावशीलता 17 दिसंबर से आरंभ होगी। छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 राज्य के भीतर गैरकानूनी गतिविधियों और उनसे संबद्ध संगठनों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए बनाया गया एक विशेष कानून है। इस कानून में तय की गई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी भी संगठन को विधि विरुद्ध घोषित किया जा सकता है। सरकार के इस कानून का मकसद राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, साथ ही सभी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित करना है।