सीजी- बिलासपुर सिम्स का बड़ा कारनामा: शरीर को चीरकर आर-पार हुआ 4 फीट लंबा सरिया, डॉक्टरों ने बचाई जान – INA

जिले के दीपका स्थित कॉलोनी में दूसरी मंजिल पर निर्माण कार्य के दौरान संतुलन बिगड़ने से मिस्त्री मुकेश कुमार अचानक नीचे गिर गया और पहली मंजिल पर स्थित लोहे के सरिये में बुरी तरह फंस गया। लगभग चार फीट लंबा लोहे का सरिया मुकेश के शरीर में घुसकर आंतों के बीच से गुजरते हुए उसके पेट और छाती को चीरकर आर-पार निकल गया। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। सिम्स के शल्य चिकित्सकों की टीम ने अत्यंत जटिल और जोखिम भरा ऑपरेशन कर मरीज के शरीर से सरिया सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली।
परिजनों ने काटकर निकाला सरिया
कार्य के दौरान 23 वर्षीय मिस्त्री मुकेश कुमार दूसरी मंजिल से अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा था। पहली मंजिल पर निकले तीखे सरिये पर गिरने के कारण सरिया उसकी आंतों के मध्य से होता हुआ पेट और छाती को फाड़कर दूसरी तरफ निकल गया। हादसे के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद सरिये को काटकर युवक को बाहर निकाला। परिजन घायल मुकेश को दीपका के स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। सिम्स पहुंचते ही डॉक्टरों ने मरीज की नाजुक स्थिति को देखा और तुरंत शल्य चिकित्सा का निर्णय लिया। जांच में सामने आया कि सरिया शरीर के आर-पार निकल चुका था। यह स्थिति बेहद संवेदनशील थी और थोड़ी सी लापरवाही भी मरीज के लिए घातक सिद्ध हो सकती थी।
ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: हार्वेस्टर और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत, युवक-युवती की मौत; चालक फरार
विशेषज्ञों की टीम ने निभाई भूमिका
सिम्स के ऑपरेशन थिएटर में शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने यह जटिल ऑपरेशन किया। टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक मरीज के शरीर में आर-पार फंसे चार फीट लंबे लोहे के सरिये को कुशलता से बाहर निकाला। इस बेहद जटिल शल्य क्रिया का सबसे राहतकारी पहलू यह रहा कि लगभग चार फीट लंबा सरिया शरीर के संवेदनशील हिस्सों से होकर निकलने के बावजूद युवक के महत्वपूर्ण अंगों को कोई क्षति नहीं पहुंचा सका। सरिये के प्रवेश और निकास के मार्ग के बीच मरीज की किडनी, लीवर और प्रमुख रक्त वाहिकाएं पूरी तरह सुरक्षित रहीं।
डॉक्टरों ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए शरीर में धंसे सरिये को बाहर निकाला और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया संपन्न की। पूरी टीम के साझा प्रयासों के बल पर ही युवक की जान बच पाई। वर्तमान में मरीज मुकेश कुमार की हालत पूरी तरह स्थिर बनी हुई है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।