पीलीभीत के स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट त्रिभुवन नाथ पासवान ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी कल्लू उर्फ वीरपाल को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दंडादेश में स्पष्ट किया है कि आजीवन कारावास दोषी के शेष जीवन के लिए होगा। अदालत ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता के इलाज आदि पर हुए व्यय और कल्याण के लिए उसके माता-पिता को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
न्यूरिया थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कि 29 अप्रैल 2025 को सुबह 10:30 बजे उसकी पांच वर्षीय भतीजी किराने की दुकान से सामान लेने गई थी। लौटते वक्त कल्लू उर्फ वीरपाल बच्ची को गोद में उठाकर एक गली में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। खून में लथपथ बदहवास बच्ची घर पहुंची और घटना के बारे में अपनी मां को बताया। उन्होंने पुलिस को कॉल की, पर तब तक आरोपी भाग गया। बाद में उसकी गिरफ्तारी की गई। विचेचना के बाद पुलिस ने कल्लू के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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अगस्त 2025 में अदालत में सुनवाई शुरू हुई। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। गवाहों और पीड़िता के बयान भी आरोपी को दोषी साबित करने में अहम रहे। अभियोजन पक्ष ने दोषी के लिए फांसी की सजा की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी को शेष जीवन के कारावास की सजा सुनाई।