यूपी – खाद के लिए भटक रहे किसान: समितियों से सचिव गायब, 1350 के बैग पर 20 रुपये ज्यादा वसूली का आरोप – INA

आगरा में सहकारी समितियों का संचालन सही से नहीं हो रहा है। किसी समिति पर खाद नहीं पहुंचा है तो कहीं सचिव वितरण के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। कहीं तो अतिरिक्त दर पर बेचा जा रहा है। हाल यह कि समिति के किसान सदस्य तो दूर अध्यक्षों तक को खाद नहीं मिला है। अगर किसी को मिला भी है तो उसे अतिरिक्त दर पर दिया गया है।
किसानों का आरोप है कि जैंगारा समिति में डीएपी है, सचिव के न पहुंचने के कारण उसका भी वितरण नहीं हो सका। अभैंदापुरा का चार्ज कुकथला सचिव पर था, उनके निलंबित होने के कारण वहां भी वितरण नहीं हो सका है। बी-पैक्स कौलारा कला के अध्यक्ष नवदीप ने मंडलायुक्त से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि सचिव समिति पर नहीं आ रहा है। समिति से नौ ग्राम पंचायतों के हजारों किसान जुड़े हैं। इस महीने एक भी डीएपी का बैग नहीं भेजा गया है। बिना खाद के आलू की फसल कैसे होगी।
वहीं सहकारी समिति ककुआ के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल उर्फ बंशी वाले ने आरोप लगाया कि समिति के सचिव ने उर्वरक की कमी दिखाकर किसानों को 1350 रुपये की खाद 1370 रुपये में बेची है। उन्हें भी 1370 रुपये में खाद दी है। उन्होंने एआर कार्यालयों में अधिकारियों से पूछा कि ऊपर के 20 रुपये कौन लेता है तो उन्होंने मना कर दिया कि 1350 रुपये में ही प्रति बैग डीएपी बेचनी है।
सहकारिता एआर सतीश कुमार ने बताया कि कौलारा कलां समिति पर पीसीएफ का रुपया बकाया है। उसे चुकाने के बाद खाद भेज दिया जाएगा। ककुआ समिति अध्यक्ष के आरोपों की जांच कराएंगे। सचिवों की कमी है, इस कारण कुछ समितियों को रोज खोलने में समस्या आ रही है। इसे जल्द दूर किया जाएगा।