Tach – क्या है Wi-Fi और मोबाइल डेटा के बिना चलने वाला Bitchat ऐप! आखिर क्यों सरकार ने किया विरोध?

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Bitchat क्या है? जानिए Jack Dorsey के इस ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप की खासियत, यह बिना इंटरनेट कैसे काम करता है, भारत सरकार ने GitHub से इसका कोड हटाने का आदेश क्यों दिया और इस विवाद की पूरी जानकारी समझिए.

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क्या है बिना इंटरनेट के चलने वाला Bitchat ऐप! आखिर क्यों सरकार ने किया विरोध?Zoom

एक ऐसा ऐप जो बिना इंटरनेट के करता है चैट! लेकिन भारत सरकार ने क्यों लगाई रोक?

भारत सरकार ने हाल ही में एक नए ऐप को लेकर सख्त कदम उठाया है. इसका नाम है Bitchat. यह ऐप ब्लूटूथ की मदद से मैसेज भेजने की सुविधा देता है. यानी इंटरनेट बंद होने पर भी लोग एक-दूसरे से बात कर सकते हैं. इस ऐप को बनाने में पूर्व ट्विटर CEO जैक डोरसी का हाथ है.

लेकिन सरकार ने GitHub पर इसके कोड को हटाने का आदेश दे दिया है. आइए समझते हैं कि Bitchat क्या है और सरकार ने इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों की.

Bitchat क्या है?

Bitchat एक ब्लूटूथ मैश नेटवर्क ऐप है. इसका मतलब है कि यह इंटरनेट या मोबाइल डेटा के बिना काम करता है. आस-पास के फोन एक-दूसरे से जुड़कर मैसेज पास करते हैं. जैसे कोई चेन बन जाती है- एक फोन से मैसेज दूसरे फोन तक पहुंचता जाता है.

खास बातें:

  • इंटरनेट बंद होने पर भी काम करता है.
  • मैसेज एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित) होते हैं.
  • बड़े इलाके में लोगों को जोड़ सकता है.
  • जैक डोरसी ने इसे फ्री स्पीच और इंटरनेट शटडाउन के समय इस्तेमाल के लिए बनाया था.

सरकार ने शिकंजा क्यों कसा?

सरकार का कहना है कि Bitchat का गलत इस्तेमाल हो सकता है. खासकर:

  1. इंटरनेट शटडाउन के समय विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए.
  2. अनधिकृत गतिविधियां जैसे दंगे या अवैध सभाएं करने के लिए.
  3. सुरक्षा एजेंसियों की नजरबंदी से बचने के लिए.

जुलाई 2026 में दिल्ली में परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए. उस समय लोग Bitchat का इस्तेमाल करके इंटरनेट बंद होने के बावजूद भी एक-दूसरे से संपर्क में रहे. सरकार ने इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के लिए खतरा माना और GitHub को इसके कोड हटाने का आदेश दिया.

सरकार का तर्क

Bitchat कानूनी निगरानी (lawful interception) को बायपास कर सकता है. साथ ही ये अपराधियों और असामाजिक तत्वों को संगठित होने में मदद कर सकता है. सरकार का मानना है कि इंटरनेट शटडाउन के समय भी संचार पर नियंत्रण जरूरी है.

दूसरी तरफ की बात

कई लोग और संगठन (जैसे Internet Freedom Foundation) कहते हैं कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है. वे तर्क देते हैं कि Bitchat जैसे टूल इंटरनेट शटडाउन के समय आम लोगों की आवाज को दबने से बचाते हैं. सरकार को कानून का पालन करते हुए ही कार्रवाई करनी चाहिए.

Bitchat एक नया और दिलचस्प टूल है जो इंटरनेट बंद होने पर भी संचार संभव बनाता है. लेकिन सरकार इसे सुरक्षा के लिए खतरा मानती है. यह मामला प्राइवेसी बनाम सुरक्षा की बहस को फिर से चर्चा में ला रहा है.

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Afreen Afaq

Afreen Afaq has started her career with Network 18 as a Tech Journalist, and has more than nine years experience in ‘Mobile-Technology’ beat. She is a high-performing professional with an established and proven…

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