Sport : Explainer: सफेद रंग की जर्सी में ही क्यों खेला जाता है टेस्ट क्रिकेट, क्या होते हैं इसके फायदे? #INA

Explainer : आज के समय में मुख्य रूप से क्रिकेट तीन फॉर्मेट में खेला जाता है. इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट शामिल  है. क्रिकेट के सबसे पुरान फॉर्मेट में टेस्ट क्रिकेट आता है. लेकिन वर्तमान क्रिकेट में टी10 क्रिकेट भी तेजी से उबर रहा है. 10-10 ओवर के मैच भी आज के समय में खेले जाने लगे हैं. क्रिकेट के ये अलग-अलग फॉर्मेट फैंस का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींच रहे हैं. क्रिकेट के इतिहास का पहला अंतरराष्ट्रीय और आधिकारिक टेस्ट क्रिकेट 1877 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था.

इसके बाद से लगातार टेस्ट क्रिकेट खेला जा रहा है. टेस्ट क्रिकेट को फैंस काफी ज्यादा पसंद करते हैं. ये फॉर्मेट क्रिकेट के सबसे रोमांचक फॉर्मेट में से एक माना जाता है.टेस्ट क्रिकेट में अलग-अलग सेशन में, अलग-अलग पारियों में लगातार पांच दिनों तक क्रिकेट को डोज देखने के लिए मिलता है. इस क्रिकेट में फॉलोऑन से लेकर ड्रॉ तक सारे रंग लेखने के लिए मिल जाते हैं.

टेस्ट क्रिकेट के बाद वनडे क्रिकेट में अपनी जगह लोगों के दिलों में बनाई. पहला वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था. इसके बाद वनडे क्रिकेट ने रंगीन कपड़ो और व्हाइट बॉल का प्रचलन शुरू किया. इसके बाद पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 17 फरवरी 2005 को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला गया. 

Test cricket
Test cricket Photograph: (x/bcci)

इसके साथ की क्रिकेट जगत में तीन फॉर्मेट का बोलबाला हो गया. टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट आज क्रिकेट फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं लेकिन आज भी असली क्रिकेट टेस्ट को ही माना जाता है. टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों का असली टेस्ट होता है. 90 ओवर तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने के लिए मिलती है.

टेस्ट क्रिकेट को लेकर अभी भी फैंस के मन में कई सारे सवाल हैं. इसमें से कुछ सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब आप भी जानने के लिए उत्सुक होंगे. इनमें से एक सवाल है कि, टेस्ट मैच सफेद रंग की जर्सी में ही क्यों खेला जाता है. व्हाइट जर्सी में मैच खेलने के क्या फायदे होते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं.

टेस्ट मैच सफेद रंग की जर्सी में ही क्यों खेला जाता है?

टेस्ट क्रिकेट सफेद जर्सी में क्यों खेला जाता है. इसके अलग-अलग कारण हैं. इसमें से एक कारण लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के मैरीलेबॉन क्रिकेट क्लब के रिसर्च ऑफिसर नील रॉबिनसन ने एक इंटरव्यू में बताया था.  उन्होंने कहा था कि, जब 18वीं सदी में टेस्ट क्रिकेट शुरू हुआ तक उस वक्त के लोग वही कपड़ों का इस्तेमाल करते थे, जो उन्हें आसानी से उपलब्ध होते थे. 

उन्होंने अपने इस इंटरव्यू में कहा था कि, ‘ सफेद रंग की ड्रेस पहनना पूरी तरह प्रैक्टिकल फैसला था. टेस्ट क्रिकेट एक समर खेल था और गर्मी के दिनों का खेला जाता था. इसलिए सफेद रंग के कपड़े पहने जाते थे. इस सफेद रंग की जर्सी की वजह से खिलाड़ियों की ड्रेस धूप न सोखे और ज्यादा से ज्यादा सनलाइट को रिफ्लेक्ट कर सके.

गर्मी से राहत देता है सफेद कपड़ा

टेस्ट मैच दिन में खेला जाता है. इससे खिलाड़ियों को पूरे दिन की गर्मी सहनी पड़ती है. सफदे जर्सी पहनने पर प्लेयर्स में तनाव कम होता और उनके बेहोश होने का खतरा कम हो जाता है. गर्मी और सूरज की तपती धूप में भी सफेद जर्सी की बदौलत खिलाड़ी मैदान पर ज्यादा देर तक रुक पाते हैं. 

Test cricket
Test cricket Photograph: (AI)

रॉयल्टी और शान का प्रतीक सफेद कपड़ा

टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत ब्रिटिश लोग के द्वारा की गई थी और ब्रिटिश लोग के लिए सफेद रंग रॉयल्टी और शान का प्रतीक था. वो इस रंग को अपनी आन और शान से जोड़कर देखते थे और क्रिकेट के जन्मदाता भी ब्रिटिश लोग ही माने जाते हैं. ऐसे में उन्होंने इस खेल के लिए सफेद रंग की पोशाक चुनी और ब्रिटिश लोगों की परंपरा अब तक टेस्ट क्रिकेट में फॉलो की जा रही है.

आपको बात दें कि गर्मी में सफेद कपड़े पहनना सबसे आरामदायक होता है. सफेद रंग के कपड़े सूरज की किरणों और गर्मी को अवशोषित करने के बजाय परावर्तित कर देता है. सफेद कपड़ों से शरीर का तापमान सामान्य होता है. सफेद कपड़े भीषण गर्मी में भी ठंडक का भी अहसास करता हैं. इसको सोचकर भी टेस्ट क्रिकेट में सफेद जर्सी का इस्तेमाल किए जाने का विचार आया था.  

व्हाइट जर्सी में टेस्ट मैच खेलने के क्या फायदे होते हैं?

सफेद जर्सी में टेस्ट क्रिकेट खेला जाने से खिलाड़ियों को सबसे बड़ा फायदा स्ट्रेस लेवल में हुआ. सफेद रंग के ड्रेस के चलते गर्मी कम लगती है. इसकी वजह से खिलाड़ियों को स्ट्रेस कम होता है और वो आराम से दिन की धूम में क्रिकेट खेल पाते हैं. 

गर्मी में पूरे दिन क्रिकेट खेलने से खिलाड़ी थक जाते हैं. लेकिन जब सफेद कपड़ों में टेस्ट मैच खेला जाता है तो खिलाड़ियों को गर्मी कम लगती है, जिससे उनको कम थकान होती है और वो बेहोश हुए बगैर मैच खेल पाते हैं.

क्रिकेट को जेंटलमेंस का गेम कहा जाता है. जब खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए व्हाइट ड्रेस में मैदान पर आते हैं तो वो पूरी तरह से जेंटलमैन लगते हैं. इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में मैदान पर कप्तान कोट में नजर आते हैं, तो वो जेंटलमैन लगते हैं.

इस वजह से बना व्हाइट जर्सी और रेड बॉल का कॉम्बिनेशन

आपको बताते चलें कि, टेस्ट क्रिकेट के लिए जब सफेद कपड़ा निर्धारित किया गया. उसके बाद ही इस फॉर्मेट को खेलने के लिए लाल गेंद चुनी गई. क्योंकि अगर सफेद जर्सी में टेस्ट क्रिकेट खेला जाता तो गेंद सफेद नहीं हो सकती. क्योंकि अगर गेंद और जर्सी का रंग दोनों सफेद हो जाएंगे तो खिलाड़ियों को मैदान पर खेल के दौरान गेंद देखने में दिक्कत होगी. इसलिए सफेद जर्सी के साथ रेड बॉल को टेस्ट क्रिकेट के लिए चुना गया.

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Explainer: सफेद रंग की जर्सी में ही क्यों खेला जाता है टेस्ट क्रिकेट, क्या होते हैं इसके फायदे?





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