खबर शहर , Mathura News: 15 साल पुराने एसटीपी की बदलेगी तस्वीर, अब एसबीआर तकनीक से साफ होगा सीवेज – INA

वृंदावन के पानीगांव लिंक रोड स्थित डेढ़ दशक पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आधुनिक तकनीक से वेस्ट वाटर यानी सीवेज के पानी को शोधित किया जाएगा। सीक्वेंस बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक से सीवेज का पानी सिचाई के योग्य बन जाएगा और इसे खुले में छोड़ने पर भी पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। एसटीपी के करोड़ों रुपये से अपग्रेड होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दूषित पानी का शोधन हो सकेगा। पुरानी तकनीक से बने इस एसटीपी प्लांट में पानी को शोधित करने का तरीका काफी पुराना है और शोधन के बाद भी इसमें प्रदूषक तत्वों की मात्रा मौजूद रहती है। एसबीआर तकनीक ज्यादातर यूरोपीय व अन्य बाहरी देशों में इस्तेमाल की जा रही है।