खबर शहर , Agra News: पहली बार बोत्सवाना, घाना और ट्यूनीशिया देश के विद्यार्थी पढ़ेंगे हिंदी – INA

आगरा। ताजमहल के अलावा शहर की पहचान अब दुनिया में हिंदी की पाठशाला के रूप में भी बन रही है। केंद्रीय हिंदी संस्थान खंदारी में 1 अगस्त से 27 देशों के विद्यार्थी हिंदी सीखने के लिए पहुंचेंगे। पहली बार बोत्सवाना, घाना और ट्यूनीशिया देशों के विद्यार्थी संस्थान में प्रवेश लेने जा रहे हैं। 1 अगस्त से शुरू होने वाले नए सत्र में 27 देशों के 108 विदेशी विद्यार्थी हिंदी का अध्ययन करेंगे। करीब 15 देशों के विद्यार्थी पिछले 15 से 20 वर्षों से लगातार हर साल संस्थान में दाखिला लेकर हिंदी भाषा का अध्ययन कर रहे हैं।

श्रीलंका, थाईलैंड, चीन, दक्षिण कोरिया, उज्बेकिस्तान, कजाखिस्तान, पाकिस्तान, रूस, मिस्र, सूरीनाम, नाइजीरिया और बुल्गारिया सहित विभिन्न देशों के विद्यार्थी विदेश में हिंदी प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां विद्यार्थी हिंदी बोलने, पढ़ने और लिखने के साथ भाषा के व्याकरण और साहित्य का भी अध्ययन करते हैं। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन को समझने का अवसर मिलता है। विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी सीखना केवल भाषा का ज्ञान हासिल करना नहीं है बल्कि यह उनके सपनों को पूरा करने का माध्यम भी बन रहा है।

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हिंदी पढ़ाने का सपना

1- करीब दो वर्ष पहले केंद्रीय हिंदी संस्थान से हिंदी सीखी थी। वर्तमान में वह गुजरात में संगीत की शिक्षा ले रही हैं। श्रीलंका लौटकर विद्यार्थियों को हिंदी पढ़ाकर भाषा के प्रचार-प्रसार में योगदान देना चाहती हैं।

नेतमी ( श्रीलंका निवासी)

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रेडियो स्टेशन में हिंदी समाचार बोलने का कार्य

2- पूर्वज भारत से जुड़े थे और घर में भी थोड़ी-बहुत हिंदी सुनने को मिलती थी। इसी वजह से बचपन से ही हिंदी सीखने की इच्छा थी। अब दक्षिण अफ्रीका में एक रेडियो स्टेशन पर हिंदी समाचार बोलने का काम कर रही हैं।

सुष्मिता, ( दक्षिण अफ्रीका)

बॉक्स

15-20 सालों से यहां इन देशों के विद्यार्थी हिंदी सीखने के लिए लगातार आते हैं। विदेशों में हिंदी के सिखाने का कार्य कर रहे हैं।

डॉ. जोगेंद्र मीना, ( रजिस्ट्रार) केंद्रीय हिंदी संस्थान


Credit By Amar Ujala

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