जिल बाइडेन ने बयां किया व्हाइट हाउस का दर्द:किताब में लिखा-शक्तिशाली चौखट पर हम अकेले थे, वफादारी को भावनाओं से ज्यादा महत्व दिया- INA NEWS

दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति के घर के भीतर क्या चलता है? क्या वहां भी आम घरों जैसी ही उलझनें होती हैं? अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन की नई किताब ‘व्यू फ्रॉम द ईस्ट विंग’ ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी जिल का यह संस्मरण एक राजनेता की पत्नी के उस दर्द, अकेलेपन और असमंजस को बयां करता है, जो उसने दुनिया की सबसे शक्तिशाली चौखट पर रहकर महसूस किया। जिल ने स्वीकार किया है कि जून 2024 की उस ऐतिहासिक डिबेट से ठीक पहले, जब उन्होंने जो बाइडेन को देखा, तो वे ‘मिट्टी के पुतले जैसे बेजान’ लग रहे थे। रंग फीका था। जिल को लगा कि कुछ गलत है, लेकिन चुप रही। डिबेट के दौरान मंच पर बाइडेन लड़खड़ा गए। इसे टीवी पर देख रही जिल के मुंह से निकला, ‘ओ माई गॉड! क्या दुनिया सोचेगी कि जो हमेशा ऐसे ही रहते हैं?’ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी छिपी रही किताब में सबसे भावुक और चौंकाने वाला खुलासा वह है, जब जिल बताती हैं कि बाइडेन को ‘स्टेज-4 प्रोस्टेट कैंसर’ था, जो उनकी हड्डियों तक फैल चुका था। इसके बावजूद उन्होंने पति से इस बारे में सीधी बात नहीं की। जिल लिखती हैं, ‘हमारे रिश्ते में व्यक्तिगत स्वास्थ्य को लेकर हमेशा ‘गोपनीयता का पर्दा’ रहा।’ यह गोपनीयता 2015 में जवान बेटे बो बाइडेन को ब्रेन कैंसर से खोने पर भी बनी रही। पीढ़ीगत अंतर और वफादारी का दबाव जिल ने हालिया इंटरव्यू में अपनी चुप्पी को पीढ़ीगत बताया। उन्होंने कहा, ‘हम इसी तरह बड़े हुए हैं।’ वाइट हाउस मामलों की विशेषज्ञ और वरिष्ठ पत्रकार केटी रॉजर्स के अनुसार, यह किताब दिखाती है कि कैसे सत्ता के शीर्ष पर वफादारी को हर चीज से ऊपर रखा जाता है। जिल आधुनिक कामकाजी महिला थीं, जो प्रथम महिला होकर भी कॉलेज में पढ़ाती थीं, वहीं दूसरी ओर वे एक पुराने ढर्रे की शादी के नियमों से बंधी थीं, जहां पति की भावनाओं को उनकी सेहत से ज्यादा तवज्जो दी गई। अगर बाइडेन राष्ट्रपति चुनाव से न हटे होते तो जीत जाते जिल ने किताब में उस पल का भी जिक्र किया है, जब बाइडेन ने कमला हैरिस को फोन कर बताया कि वे राष्ट्रपति चुनाव की रेस से हट रहे हैं। जिल के मुताबिक हैरिस ने कहा, ‘क्या आप यह जल्दी कर सकते हैं, 20 मिनट में?’ तब जिल कमरे से बाहर चली गईं, क्योंकि वे राजनीति के उस क्रूर चेहरे को नहीं देखना चाहती थीं, जिसने उनके पूरे परिवार को मानसिक तनाव दिया। जिल ने एक हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कहा​ कि 2020 में पहली बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला लेते वक्त दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन पार्टी नेताओं और सलाहकारों ने दबाव बनाया और वे दोबारा लड़े। जिल दावा करती हैं कि यदि वे मैदान से हटे नहीं होते तो जीतते।

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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