₹25 लाख खर्च कर हरियाणा पहुंचा युवक का शव:अमेरिका में सड़क हादसे में मौत, ₹50 लाख लगाकर भेजा था; प्लॉट-दुकान भी बिके- INA NEWS

करनाल के एक युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार देर शाम उसका शव अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। यहां से एम्बुलेंस के जरिए शव मंगलवार सुबह गांव लाया गया। कफन में लिपटे बेटे के शरीर को देखते ही मां और बहन बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। परिजनों का कहना है कि ट्रक हादसे में 27 मई को गौरव की मौत हो गई थी। अमेरिकी पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हादसे की जानकारी दी। उसका शव लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद 25 लाख रुपए खर्च कर अमेरिका में रह रहे भारतीय की मदद से गौरव का शव गांव आया। गौरव को 2 साल पहले अमेरिका भेजने में 50 लाख रुपए का खर्च आया था। इसके लिए उन्हें एक प्लॉट भी बेचना पड़ा। गांव बालरागड़ान में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने बेटे के शव को मुखाग्नि दी। गौरव के अंतिम संस्कार के PHOTOS सिलसिलेवार जानिए, कैसे हुआ हादसा… 26 मई को आखिरी बार बात हुई करनाल के बालरागड़ान गांव निवासी रामफल ने बताया कि 27 मई को उनका बेटा गौरव (24) अमेरिका के कैलिफोर्निया से ट्रक लेकर निकला था। उसे कैलिफोर्निया में किसी दूसरी जगह ट्रक से डिलीवरी करनी थी। इस दौरान जब गौरव एक रेस्टोरेंट पर रुका तो उसकी कॉल आई। कुछ देर बातचीत में बताया कि अभी चाय पीने के लिए रुका है, इसके बाद बात करेगा। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत पिता रामफल के अनुसार, अमेरिकी पुलिस से उन्हें पता चला है कि रेस्टोरेंट से निकलने के बाद कुछ ही दूर चलने पर गौरव के ट्रक का एक्सीडेंट हो गया। इसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस हादसे में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। दोपहर करीब ढाई बजे उन्हें अमेरिका पुलिस अधिकारी का फोन आया, जिसने इस हादसे की जानकारी दी। शव भारत लाने में 25 लाख रुपए खर्च रामफल ने आगे बताया कि बेटे की मौत की सूचना पर पूरा परिवार बिखर गया। गौरव के शव लाने में भी काफी अड़चन आई। प्रशासनिक अधिकारों से भी इस बारे में मदद मांगी, लेकिन कही से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद अमेरिका में रह रहे कुछ परिचितों ने गौरव के शव को भारत पहुंचाने में मदद की। इसमें उनके करीब 25 लाख रुपए भी खर्च हो गए। 6 माह में डंकी के रास्ते पहुंचा था अमेरिका पिता रामफल ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले गौरव अमेरिका गया था। मैंने गौरव को वहां जाने से काफी रोका था, लेकिन वह फिर भी अमेरिका जाने की जिद पर अड़ा रहा। उसकी जिद के आगे झुकते हुए उसे अमेरिका भेजना पड़ा। एक एजेंट के जरिए गौरव करीब 6 महीने में डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा था। इसके लिए एक प्लॉट और दुकान भी बेचनी पड़ी थी। पिता के पास 2 एकड़ जमीन, खेती से चलता है परिवार रामफल ने बताया कि उनका परिवार खेती-किसानी पर निर्भर है। परिवार के पास करीब 2 एकड़ जमीन है, जिससे ही घर का खर्च चलता है। उन्होंने बताया कि गौरव परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी एक छोटी बहन भी है, जिसकी करीब एक साल पहले शादी हो चुकी है। बेटे के जाने के बाद परिवार में केवल रामफल और उनकी पत्नी ही रह गए हैं। —————— यह खबर भी पढ़ें…. करनाल के युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:मौत से 3 घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल की, ₹60 लाख खर्च कर गया था करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)
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