Crime- नीट छात्रा खुदकुशी मामला : मेरा दिमाग मुझे डराता है, जिंदगी तबाह कर रहा, आठ पन्नों का लिखा सुसाइड नोट -#INA

दिनभर मेरे दिमाग में परेशान करने वाले ख्याल आते हैं। मैं ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रही हूं। एक ही चीज को बार-बार दोहराती हूं। ऐसा नहीं करने पर मेरा दिमाग डराता है कि कुछ बुरा हो जाएगा। अब मैं थक चुकी हूं। ये अनचाहे विचार मेरी जिंदगी पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।ये बातें त्रिवेणीपुरम में सोमवार को आत्महत्या करने वाली 18वर्षीय नीट छात्रा रितु शर्मा के आठ पेज के सुसाइड नोट में लिखी मिली हैं। मेडिकल में चयन होने के बावजूद वह लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
सुसाइड नोट में ऋतु ने लिखा है कि वह पिछले दो वर्षों से ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) जैसी समस्या से परेशान थी। इसकी शुरुआत 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान हुई थी। शुरुआत में उसे समझ नहीं आता था कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। वह इसे सामान्य ओवरथिंकिंग और एंग्जायटी समझती थी। कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट पर इसके बारे में पढ़ने के बाद उसे अपने अनुभव ओसीडी के लक्षणों से मिलते-जुलते लगे।